“आजाद भारत के 100 वर्ष पूरे होने तक पीएम मोदी को देश की सेवा करनी चाहिए; मैंने आज तक ऐसा नेता नहीं देखा……”
नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आजाद भारत के 100 वर्ष पूरे होने तक देश की सेवा करनी चाहिए. उद्योगपति मुकेश अंबानी ने बुधवार को पीएम के 75वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हुए यह बयान किया.
रिलायंस इंडस्ट्रीज और रिलायंस रिटेल के मैनेजिंग डायरेक्टर और चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की.
उन्होंने आगे कहा, “यह संयोग नहीं है कि मोदी जी का अमृत महोत्सव भारत के अमृत काल में आ रहा है. मेरी हार्दिक इच्छा है कि जब स्वतंत्र भारत 100 वर्ष का हो जाए तब भी मोदी जी भारत की सेवा करते रहें.”
अंबानी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास भारत को एक वैश्विक महाशक्ति बनाने में कारगर साबित हो रहे हैं.
अंबानी ने कहा, “मैंने आज तक ऐसा कोई नेता नहीं देखा जिसने भारत और भारतीयों के बेहतर भविष्य के लिए इतनी अथक मेहनत की हो.”
दिग्गज उद्योगपति ने आगे कहा, “उन्होंने पहले गुजरात को एक आर्थिक महाशक्ति बनाया. अब वह पूरे भारत को एक वैश्विक महाशक्ति बना रहे हैं. मैं अपने सभी 145 करोड़ भारतीयों के साथ मिलकर हमारे प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देता हूं और उनके निरंतर अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं. जय श्री कृष्ण! जय हिंद!”
इससे पहले, कोटक महिंद्रा बैंक के निदेशक उदय कोटक ने वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखने और उन्हें भारत के लिए अपनाने की प्रधानमंत्री मोदी की आदत की सराहना की.
प्रधानमंत्री के साथ हर बातचीत को “सीखने और प्रेरणा से भरा अनुभव” बताते हुए, कोटक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की जिस बात ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया, वह यह है कि वह दूरदर्शिता को क्रियान्वयन के साथ और जिज्ञासा को विनम्रता के साथ कैसे जोड़ते हैं.
भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल ने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी और प्रौद्योगिकी-प्रधान दृष्टिकोण की सराहना की.
आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला के अनुसार, “प्रधानमंत्री मोदी हमेशा यह जानना चाहते हैं कि अर्थव्यवस्था कैसी चल रही है और निजी क्षेत्र को और अधिक निवेश के लिए प्रोत्साहित करने हेतु क्या किया जाना चाहिए.”
बिड़ला ने कहा, “वह बहुत उत्सुक श्रोता भी हैं, इसलिए यदि वह आपसे कोई प्रश्न पूछते हैं, तो वह आपकी बात को बहुत धैर्यपूर्वक सुनेंगे और उसे आत्मसात करेंगे.”
