ट्रेडिशनल गुड़ से शुगर मिल में बनने वाला गुड़ ज्यादा अच्छा

Narendra Mohan Director NSI
The Hindi Post

एक स्वास्थ्यवर्धक स्वीटनर एवं चीनी के विकल्प के रूप में गुड़ का प्रयोग किया जाता है | गुड़ को एक औषधीय चीनी के रूप में भी जाना जाता है जो की विटामिन्स एवं मिनरल्स से युक्त होता है |

गुड़ में चीनी के अलावा अन्य पोषक तत्व जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, आयरन, पोटैशियम पाए जाते है जो स्वास्थय के लिए अत्यंत लाभप्रद है |

सामान्य तौर पे गुड़ का उत्पादन अस्वछय परिस्तिथि में पारापंरिक तकनीक से किया जाता है | वर्तमान में जब समूचा विश्व कोविद-19 की महामारी से जूझ रहा है उस समय इस प्रकार के पौष्टिक एवं आयुर्वेदिक उत्पादों की मांग सामान्य उपभोक्ताओं में तेजी से बड़ी है |

इन सबको देखते हुए राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर ने शर्करा उद्योग का आह्वाहन किया है की वह संस्थान द्वारा गुड़ निर्माण हेतु विकसित तकनीक द्वारा ऐसे गुड़ का उत्पादन करे जो की विभिन स्वाद और पोषक तत्वों जैसे अदरक, दालचीनी, अजवाइन, हल्दी इत्यादि से युक्त हो|

गुड़ में इस प्रकार के तत्वों के मिश्रण से गुड़ का उपयोग स्वीटनर के साथ साथ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में किया जा सकता है |

संस्थान के निदेशक, प्रो. नरेंद्र मोहन ने बताया की पारापंरिक तकनीक के स्थान पर वैक्यूम ब्वायलिंग तकनीक को अपनाते हुए इस प्रकार के विधिक औषधीय गुणों से युक्त गुड़ का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा सकता है | इस टेक्नीकल से स्वच्छ प्रसंस्करण, केमिकल के स्थान पर वनस्पतियो के अर्क, रस को गाड़ा करने हेतु कॉन्सेंट्रेटर, ऑटोमेशन एवं पैकेजिंग पर विशेष धयान दिया जाता है, जिससे बाजार में उपलब्ध करवाए जाने वाले गुड़ की गुणवत्ता अच्छी हो और वह लम्बे समय तक बाजार में सुरक्षित रह सके|

 


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