कानपुर के उद्यमियों ने सराहा बजट 2026: बोले — अल्पकाल नहीं, दीर्घकाल की सोच

Atul Seth (1)

प्रोविजनल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा फार्मास्यूटिकल्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के पूर्व महासचिव, अतुल सेठ

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कानपुर | कानपुर के उद्यमियों ने केंद्रीय बजट की तारीफ की है. उन्होंने इसे एक अच्छा और दीर्घकालिक बजट बताया. उद्यमियों ने कहा कि इस बार बजट की खास बात यह है कि अगर आम आदमी को कुछ नहीं दिया गया है तो उनसे कुछ लिया भी नहीं गया है. इस बजट में दीर्घकालिक परियोजनाओं को कैसे धरातल पर उतारा जाए, इस पर विशेष ध्यान रखा गया है. कुल मिलाकर, यह कहा जा सकता है कि इस बजट में सभी के हितों को प्राथमिकता दी गई है.

केंद्रीय बजट पर प्रोविजनल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा फार्मास्यूटिकल्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के पूर्व महासचिव, अतुल सेठ ने अपनी विस्तृत राय रखी.

उन्होंने कहा, “केंद्रीय बजट को यदि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह कहना उचित होगा कि तात्कालिक रूप से बहुत बड़ी प्रत्यक्ष राहत के प्रावधान दिखाई नहीं देते किंतु दीर्घकालिक दृष्टि से यह बजट सकारात्मक और दूरदर्शी परिणाम देने वाला सिद्ध होगा.”

उन्होंने आगे कहा, “सरकार द्वारा जिन नीतियों, योजनाओं और सुधारों की घोषणा की गई है उनका प्रभाव आने वाले वर्षों में उद्योगों की संरचना को मजबूत करने वाला रहेगा. विशेष रूप से किसानों के लिए एग्रीकल्चर आधारित वैल्यू एडिशन, सप्लाई चेन को सुदृढ़ करने तथा फूड प्रोसेसिंग उद्योग को टेक्नोलॉजी और निर्यात से जोड़ने के जो निर्णय लिए गए हैं, वे निश्चय ही सराहनीय हैं.”

“फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के लिए आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता उन्नयन, एक्सपोर्ट फोकस और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी स्थायी मजबूती मिलेगी. यह बजट कृषि और उद्योग के बीच एक सशक्त सेतु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.”

अतुल सेठ ने आगे कहा, “हालांकि इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित मांग की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट करना आवश्यक है. यदि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को किसी कारणवश एक स्थान से दूसरे स्थान पर अपना औद्योगिक यूनिट स्थानांतरित करनी पड़ती है, तो उनके औद्योगिक भूखंड या संपत्ति की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ (Capital Gain) को, यदि नई औद्योगिक इकाई में पुनः निवेश किया जा रहा हो, तो उस पर भी उसी प्रकार की कर-रियायत मिलनी चाहिए, जैसी अन्य क्षेत्रों में दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ या आवासीय संपत्ति में निवेश पर उपलब्ध है. यदि इस मांग को स्वीकार किया जाता है, तो इससे MSME उद्योगों को विस्तार, आधुनिकीकरण और स्थानांतरण में बड़ी सुविधा मिलेगी तथा देश में औद्योगिक विकास को और अधिक गति प्राप्त होगी.”

उन्होंने अंत में कहा, “कुल मिलाकर, यह बजट अल्पकालिक राहत से अधिक दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता, उत्पादन वृद्धि और निर्यात आधारित विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है.”

एक अन्य उद्यमी ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ के बाद भी अगर भारत की अर्थव्यवस्था तेज गति से बढ़ रही है. जीडीपी में वृद्धि देखने को मिल रही है, तो निश्चित तौर पर केंद्र सरकार की ओर से ऐसे कदम उठाए गए हैं, जिससे हमारे देश की आर्थिक स्थिति को फायदा मिल रहा है. इस सरकार के शासनकाल में बुनियादी विकास को नई गति मिलेगी. पहले जहां पर बुनियादी संरचनाओं की स्थिति खराब थी, अब उसकी स्थिति दुरुस्त हो चुकी है. हर बजट पिछले बजट की तुलना में बेहतर ही है.

उन्होंने कहा कि सरकार अब यह देख रही है कि इस देश का निचले तबके में रहने वाला आदमी को हर प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं. मध्यमवर्गीय परिवार पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है और रही बात बड़े आदमी की, तो वो बड़ा है ही. अब सरकार का मुख्य उद्देश्य अपने देश को बाहरी नकारात्मक शक्तियों से बचाना है. यह बजट ठीक है . इसमें ऐसा कुछ खराब नहीं है. एमएसएमई के लिए भी इस बजट में कुछ खास नहीं है.

 

 


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