“अबकी बार मोदी सरकार” स्लोगन लिखने वाले पीयूष पांडे का निधन

piyush pandey
The Hindi Post

“अबकी बार मोदी सरकार” स्लोगन लिखने वाले पीयूष पांडे का निधन

 

 

इंडियन एडवरटाइजिंग इंडस्ट्री के मशहूर नाम पीयूष पांडे का गुरुवार को निधन हो गया. उन्होंने चार दशकों से ज्यादा वक्त तक ओगिल्वी इंडिया के साथ काम किया. पीयूष पांडे 1982 में ओगिल्वी से जुड़े थे. उन्होंने 27 साल की उम्र में अंग्रेजी-प्रभुत्व वाले विज्ञापन उद्योग में प्रवेश किया और इसे हमेशा के लिए बदल दिया.

ऐड गुरु पीयूष पांडे के निधन पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रियों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने शोक व्यक्त किया.

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पद्मश्री विजेता पीयूष पांडे के निधन पर अपनी उदासी को जाहिर करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है.

केंद्रीय मंत्री गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, एडवरटाइजिंग की दुनिया में एक महान हस्ती, उनकी क्रिएटिविटी ने कहानी कहने के तरीके को फिर से परिभाषित किया और हमें यादगार और हमेशा याद रहने वाली कहानियां दीं.

उन्होंने पांडे को लेकर कहा कि वे उनके एक ऐसे दोस्त थे, जिनकी चमक उनकी सच्चाई, गर्मजोशी और हाजिरजवाबी में दिखती थी.

केंद्रीय मंत्री गोयल ने लिखा, मैं हमेशा उनके साथ हुई अपनी दिलचस्प बातचीत को याद रखूंगा. वह अपने पीछे एक खालीपन छोड़ गए हैं, जिसे भरना मुश्किल होगा. उनके परिवार, दोस्तों और चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. ओम शांति!

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीयूष पांडे के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ.

वित्त मंत्री ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा, वह भारतीय एडवरटाइजिंग के एक दिग्गज और लेजेंड थे, उन्होंने रोजमर्रा के मुहावरों, देसी हास्य और सच्ची गर्मजोशी के साथ कम्युनिकेशन के तरीके को ही बदल दिया. मुझे उनसे कई मौकों पर बातचीत करने का मौका मिला.

वित्त मंत्री ने आगे लिखा कि उनके परिवार, दोस्तों और पूरी क्रिएटिव बिरादरी के प्रति मेरी दिली संवेदनाएं. उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.

दिग्गज उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने पांडे को लेकर कहा कि एक ऐसे इंसान थे, जिन्होंने ऐड इंडस्ट्री पर बहुत बड़ी छाप छोड़ी.

उन्होंने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा, मुझे जो सबसे ज्यादा याद रहेगा, वह उनके बनाए हुए कैंपेन या उनके बनाए हुए ब्रांड्स नहीं, बल्कि उनकी दिल खोलकर हंसी और जिंदगी को लेकर उनका जबरदस्त जोश होगा. अलविदा, मेरे दोस्त. तुमने हम सबकी जिंदगी को बेहतर बनाया.

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने पीयूष पांडे को भारत के सबसे बेहतरीन कहानीकारों में से एक बताया.

उन्होंने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा, उन्होंने हमें सिखाया कि इमोशन ही क्रिएटिविटी की सबसे सच्ची भाषा है. उनके शब्दों ने ब्रांड्स को इंसान जैसा बनाया और आइडियाज को अमर कर दिया. एक ऐसे लेजेंड को अलविदा, जिन्होंने हमें महसूस कराया, सोचने पर मजबूर किया और हंसाया.

पीयूष पांडे का जन्म 1955 में जयपुर के एक परिवार में हुआ था. उनके नौ भाई-बहन थे, जिनमें सात बहनें और दो भाई शामिल थे. पीयूष पांडे के पिता एक बैंक में काम करते थे. पांडे ने कई सालों तक क्रिकेट भी खेला था. उन्होंने एशियन पेंट्स के लिए ‘हर खुशी में रंग लाए’, कैडबरी के लिए ‘कुछ खास है’ और फेविकोल और हच जैसे ब्रांडों के लिए विज्ञापन बनाए.

आईएएनएस

 


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