लड़कियों के कपड़े पहनता था बॉयफ्रेंड, लगाता था बिंदी, काजल और लिप्स्टिक, गर्लफ्रेंड को नागवार गुजरा तो…., युवती की हत्या का राज खुलते ही उड़े सभी के होश
लड़कियों के कपड़े पहनता था बॉयफ्रेंड, लगाता था बिंदी, काजल और लिप्स्टिक, गर्लफ्रेंड को नागवार गुजरा तो….,युवती की हत्या का राज खुलते ही उड़े पुलिस के होश
छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक युवती की हत्या के पीछे का राज खुलते ही पुलिस भी हैरान रह गई. जांच में सामने आया कि आरोपी युवक न केवल हत्यारा है बल्कि एक साइकोपैथ प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जो महिलाओं की तरह कपड़े पहनता था और सोशल मीडिया पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर लोगों को जाल में फंसाता था. आरोपी ने प्रेमिका के साथ संबंध टूटने के बाद गुस्से में आकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की.
यह मामला बलौदा बाजार सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम चरोटी का है. यहां 26 वर्षीय युवती तेजस्विनी पटेल का जला हुआ शव पैरावट के ढेर में मिला, जिससे पूरे गांव में सनसनी फैल गई. पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच की तो पता चला कि शव पर धारदार हथियार के गहरे निशान हैं. जांच में मृतका के प्रेमी सालिक राम पैकरा (25) पर शक गहराया. पुलिस ने जब उसे हिरासत में लिया और पूछताछ की, तो आरोपी ने शुरू में झूठ बोलकर गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हत्या की बात कबूल ली.
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह और तेजस्विनी मजदूरी के दौरान एक-दूसरे के करीब आए थे. कुछ महीनों बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ और युवती ने उससे दूरी बना ली. यह बात सालिक राम को नागवार गुज़री. उसने 24-25 अक्टूबर की रात युवती को मिलने बुलाया. जब युवती ने रिश्ता फिर से शुरू करने से इनकार किया, तो गुस्से में उसने चाकू और लकड़ी से वार कर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद शव को पैरावट में डालकर आग लगा दी ताकि कोई सबूत न बचे और फिर सामान्य तरीके से घर जाकर सो गया.
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने बताया कि जांच में पता चला कि आरोपी की मानसिक स्थिति असामान्य थी. वह अक्सर महिलाओं की तरह साड़ी और गहने पहनता था. उसके घर और मोबाइल से महिलाओं के कपड़ों में खींची गई कई तस्वीरें बरामद की गई हैं. यही नहीं, वह सोशल मीडिया पर भी महिलाओं का रूप धारण करता था. आरोपी ने इंस्टाग्राम पर 19 फर्जी महिला अकाउंट बनाए हुए थे, जिनसे वह असली महिलाओं से बातचीत कर उन्हें फंसाने और रिश्ता बनाने की कोशिश करता था.
फिलहाल पुलिस साइबर सेल की मदद से आरोपी के इन अकाउंट्स और संपर्कों की जांच कर रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अपराधी “साइकोपैथ” कहलाते हैं. यानी वे व्यक्ति जिनमें भावनाओं, सहानुभूति और अपराधबोध की कमी होती है. ऐसे लोग आकर्षक और आत्मविश्वासी दिखते हैं, लेकिन अंदर से चालाक और ठंडे दिमाग के होते हैं. यह प्रवृत्ति “एंटीसोशल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर (ASPD)” का गंभीर रूप मानी जाती है, जिसका इलाज बेहद मुश्किल होता है.
