शव की जगह ‘प्लास्टिक के पुतले’ का दाह संस्कार करने युवक, उड़े लोगों के होश, क्या है यह मामला ?

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शव की जगह ‘प्लास्टिक के पुतले’ का दाह संस्कार करने युवक, उड़े लोगों के होश, क्या है यह मामला ?

 

उत्तर प्रदेश के गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़) के ब्रजघाट पर बुधवार शाम एक चौंकाने वाली घटना घटी. यहां चार युवक हरियाणा नंबर की कार में “शव” लेकर गंगा घाट पहुंचे. उन्होंने चिता सजाई और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी. स्थानीय लोगों को उन पर कुछ शक हुआ. युवक जल्दबाजी में थे और वह रिवाजों की अनदेखी कर रहे थे. जब उनसे कफन हटाने के लिए कहा गया तो वह आनाकानी करने लगे. बाद में उन्हें कफन हटाने के लिए मजबूर किया गया. कहा गया कि पुलिस को जानकारी दे दी जाएगी. इसके बाद कफन हटाया गया तो स्थानीय लोग हैरान रह गए. चिता पर किसी इंसान का शव नहीं बल्कि प्लास्टिक का डमी पुतला रखा हुआ था.

ग्रामीणों और नगर पालिका कर्मचारियों ने तुरंत दो युवकों को पकड़ लिया जबकि उनके दो साथी मौके से फरार होने में सफल रहे. सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. जांच में खुलासा हुआ कि पकड़े गए युवकों के नाम कमल सोमानी और आशीष खुराना है. दोनों दिल्ली के रहने वाले है.

सीओ स्तुति सिंह के अनुसार, कमल सोमानी पर करीब 50 लाख रुपये का कर्ज है. कर्ज चुकाने के लिए उसने अपने पूर्व कर्मचारी अंशुल कुमार के नाम पर बिना उसकी जानकारी के बीमा पॉलिसी ले ली थी. योजना के तहत कमल और आशीष पुतला जलाकर अंशुल को मृत घोषित करवाना चाहते थे ताकि बीमा राशि का दावा कर सकें.

पुलिस अधिकारी ने कहा कि दोनों युवक अंशुल के आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर रहे थे और बीमा पॉलिसी की किस्तें नियमित भर रहे थे. उनका उद्देश्य नकली अंतिम संस्कार कर डेथ सर्टिफिकेट हासिल करना था जबकि अंशुल पूरी तरह स्वस्थ है. वह प्रयागराज में रहता है.

पुलिस ने कहा कि स्थानीय लोगों की सतर्कता से यह धोखाधड़ी उजागर हो गई. पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया है. फरार दो अन्य युवकों की तलाश जारी है.

यह मामला बीमा धोखाधड़ी के एक संगठित प्रयास का उदाहरण है जिसे समय रहते रोक लिया गया.

 

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क


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