गुजरात: सीएम को छोड़ पूरी की पूरी कैबिनेट ने दिया इस्तीफा, अब…..

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गुजरात: सीएम को छोड़ पूरी की पूरी कैबिनेट ने दिया इस्तीफा, अब…..

 

 

गुजरात में कैबिनेट फेरबदल से पहले सभी मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पेटल को छोड़कर सभी 16 मंत्रियों ने अपना पद त्याग दिया है. प्रदेश में शुक्रवार को शपथ दिलाकर नए कैबिनेट का गठन किया जाएगा. चर्चा है कि रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा को भी मंत्री बनाया जा सकता है. राज्य में 2027 में विधानसभा चुनाव होना है और माना जा रहा है कि चुनावी समीकरणों को साधने के लिए लिहाज से ही यह फेरबदल किया गया है.

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शुक्रवार को नई कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा. चर्चा थी कि राज्य को लगभग 10 नए मंत्री मिल सकते हैं. लेकिन जिस तरह पूरी कैबिनेट का इस्तीफा हुआ है उसके बाद अटकलें हैं कि सीएम की पूरी टीम नई होगी. एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मंत्रिपरिषद का विस्तार शुक्रवार पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे होगा.’

गुजरात के मौजूदा मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री पटेल सहित 17 मंत्री थे. आठ कैबिनेट स्तर के मंत्री हैं और इतने ही राज्य मंत्री. कुल 182 सदस्यों वाली राज्य विधानसभा में सदन की कुल संख्या का 15 प्रतिशत या 27 मंत्री हो सकते हैं. भूपेंद्र पटेल ने 12 दिसंबर, 2022 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ ली थी.

2027 में राज्य में विधानसभा चुनाव होना है. यह पहली बार नहीं हुआ है जब भाजपा ने गुजरात में चुनाव से पहले सरकार में बड़ा फेरबदल किया है. पिछले विधानसभा चुनाव से पहले भी नेतृत्व परिवर्तन किया गया था और भूपेंद्र पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इसके अलावा अधिकतर विधायकों के टिकट काट दिए गए थे. भाजपा ने इस फॉर्मूले से ना सिर्फ एंटी इनकंबेंसी को मात दी बल्कि रिकॉर्ड सीटों के साथ सरकार बनाई.

चर्चा है कि माजुरा से विधायक और मंत्री रहे हर्ष सांघवी को इस बार कैबिनेट रैंक मिल सकता है. भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रविंद्र जडेजा की पत्नी रीवाबा को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है. वह जामनगर से पार्टी की विधायक हैं. माना जा रहा है कि जाति और क्षेत्रों के समीकरणों को साधते हुए कैबिनेट का नया चेहरा गुजरात की जनता के सामने पेश किया जाएगा. इसके अलावा मंत्री पद की जिम्मेदारी से मुक्त करके कुछ नेताओं को पार्टी के कामकाज में लगाया जा सकता है.


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