UP: जुर्माने के खिलाफ स्कूलों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, जाने पूरा मामला

सांकेतिक फोटो (इंग्लिश पोस्ट)

The Hindi Post

नोएडा | नोएडा और ग्रेटर नोएडा के करीब 100 स्कूलों पर गौतमबुद्ध नगर प्रशासन की ओर से 1-1 लाख का जुर्माना लगाया गया था. इस जुर्माने के खिलाफ स्कूल प्रबंधन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पी एस नरसिम्हा की बेंच याचिका पर 8 मई को सुनवाई करेगी.

गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लगभग 100 स्कूलों पर जुर्माना लगाया है. जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 30 दिन के भीतर छात्रों को फीस के रूप में वसूली गई 15 फीसद राशि वापस नहीं करने पर जुर्माना बढ़ाकर 5 लाख कर दिया जाएगा. फीस वापसी को लेकर कोई कार्यवाही ना होने पर अभिभावकों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई थी. इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की.

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दरअसल, 16 जनवरी 2023 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सभी स्कूलों को शैक्षणिक सत्र 2020-21 के दौरान ली गई फीस का 15 प्रतिशत वापस करने का आदेश दिया था. उस समय कोरोनोवायरस के प्रकोप के कारण ऑनलाइन कक्षाएं संचालित हुई थी. बच्चे स्कूल नहीं गए थे.

उच्च न्यायालय ने प्रदेश के सभी स्कूलों को 15 प्रतिशत फीस अगले वर्ष समायोजित करने या स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों के खाते में भेजने के आदेश दिए थे. न्यायालय के आदेश पर जिला शुल्क नियामक समिति ने 16 फरवरी तक सभी स्कूलों को 15 फीसद फीस वापस करने के लिए नोटिस भेज दिया था, जिस पर निजी स्कूलों ने कार्रवाई नहीं की.

एडमिशन नोटिस (Advt.)
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आईएएनएस


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