चार सब-इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल सस्पेंड, एसएचओ लाइन हाजिर, क्या है यह मामला, क्यों हुआ यह एक्शन ?
प्रतीकात्मक फोटो (आईएएनएस )
चार सब-इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल सस्पेंड, एसएचओ लाइन हाजिर, क्या है यह मामला, क्यों हुआ यह एक्शन ?
नोएडा | वकीलों और नोएडा पुलिस के बीच अलीगढ़ जिला कोर्ट में हुई खींचतान के बाद कार्रवाई की शुरुआत हो गई है. ग्रेटर नोएडा में दोहरे हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस की तरफ से कैंपस के अंदर कथित दुर्व्यवहार और वकीलों के साथ धक्का-मुक्की के मामले ने तूल पकड़ा था. अब नोएडा पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जारचा थाने के एसएचओ को लाइन हाजिर कर दिया है. साथ ही चार सब इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है.
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा के सैंथली गांव में हुए दोहरे हत्याकांड के आरोपी शूटर सचिन गुर्जर और बॉबी तोंगड़ा उर्फ पहलवान 30 अक्टूबर को अलीगढ़ कोर्ट में आत्मसमर्पण करने पहुंचे थे. इसकी जानकारी होते ही नोएडा पुलिस की कई टीमें भी कोर्ट परिसर में पहुंच गईं. इसी दौरान कोर्ट कैंपस में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव हो गया. आरोप है कि नोएडा पुलिस के जवान सिविल ड्रेस में थे और हथियारों के साथ आरोपी को जबरन पकड़कर ले जाने की कोशिश करने लगे. इस दौरान वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर खींचतान हुई.
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद वकीलों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की. घटना के बाद सचिन गुर्जर को पुलिस अपने साथ ले जाने में सफल रही जबकि दूसरे आरोपी बॉबी तोंगड़ा ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया. इसके बाद अलीगढ़ बार एसोसिएशन ने जिला जज के माध्यम से हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी.
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट ने जांच के बाद तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की है. इसमें जारचा थाने के एसएचओ को लाइन हाजिर कर दिया गया है और सब इंस्पेक्टर भारत (दादरी), सब इंस्पेक्टर ललित गंगवार (जारचा), सब इंस्पेक्टर शुभम प्रधान (जारचा), सब इंस्पेक्टर प्रिंस यादव, हेड कांस्टेबल सोहनवीर (दादरी), कांस्टेबल गौरव (जारचा) को निलंबित किया गया है.
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ जिसमें पुलिसकर्मियों को वकीलों के साथ धक्कामुक्की करते और आरोपी को खींचते हुए देखा गया. इसके बाद यह मुद्दा सिर्फ अलीगढ़ में ही नहीं बल्कि दोनों जिलों की बार एसोसिएशनों के बीच भी गरमाया. वकीलों ने इसे अदालत की गरिमा और वकालत पेशे का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की थी.
