“मैं तो आर्मी चीफ पर ही यकीन करूंगा”: जनरल नरवणे के ट्वीट को आधार बना के राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को घेरा
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की फाइल फोटो / (क्रेडिट : आईएएनएस)
“मैं तो आर्मी चीफ पर ही यकीन करूंगा”: जनरल नरवणे के ट्वीट को आधार बना के राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को घेरा
नई दिल्ली | पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों को लेकर संसद में जारी गतिरोध के बीच, राहुल गांधी ने सरकार और पुस्तक के प्रकाशक पेंगुइन पर हमला बोला है. उन्होंने दावा किया है कि संस्मरण सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं और भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह ‘असुविधाजनक सच्चाई’ को फैलने से रोकने के लिए इसे दबाने की कोशिश कर रही है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि यह पुस्तक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन पर उपलब्ध है. हालांकि पेंगुइन ने सिरे से खारिज किया है.
उन्होंने पत्रकारों को सेना के पूर्व प्रमुख जनरल नरवणे द्वारा 2023 में की गई X पर एक एक्स पोस्ट भी दिखाई, जिसमें उन्होंने (जनरल नरवणे) लोगों से 2020 में गलवान में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प का विवरण देने वाले संस्मरण को पढ़ने का आग्रह किया था.
राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा कि नरवणे जी ने 2023 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट किया था. इसमें लिखा था बस लिंक पर क्लिक करें और पढ़ सकते हैं, जय हिंद.
राहुल ने आगे कहा, या तो पेंगुइन झूठ बोल रहा है या फिर पूर्व सेना प्रमुख, दोनों सही नहीं हो सकते.
Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, “Here is a tweet from Mr. Naravane which says – ‘Just follow the link to my book.’ The point I am making is that either Mr. Naravane is lying, or Penguin is lying. I don’t think the former Army chief would lie… Penguin says the book has… pic.twitter.com/s2jv75Gc33
— IANS (@ians_india) February 10, 2026
Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, “Here is a tweet from Mr. Naravane which says – ‘Just follow the link to my book.’ The point I am making is that either Mr. Naravane is lying, or Penguin is lying. I don’t think the former Army chief would lie… Penguin says the book has… pic.twitter.com/s2jv75Gc33
— IANS (@ians_india) February 10, 2026
Hello friends. My book is available now. Just follow the link. Happy reading. Jai Hind pic.twitter.com/VCiLiZOWIi
— Manoj Naravane (@ManojNaravane) December 15, 2023
पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब को लेकर लोकसभा में बार-बार व्यवधान उत्पन्न हो रहा है. विपक्ष ‘खुलासों’ को उठाने पर अड़ा है, जबकि सरकार इसे रोकने पर अड़ी है. सोमवार को राहुल गांधी द्वारा सदन के बाहर पुस्तक की एक प्रति लहराने के बाद मामला और भी भड़क उठा, जिससे सरकार और विपक्ष के बीच नए सिरे से तनाव और तीखी बहस छिड़ गई.
इसके अलावा, विपक्ष के नेता ने स्थिति को और गंभीर बनाते हुए कहा कि वह पूर्व सेना प्रमुख के साथ मजबूती से खड़े हैं और उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया.
उन्होंने कहा, “मैं नरवणे जी पर विश्वास करता हूं, पेंगुइन पर नहीं. क्या आप पेंगुइन के बजाय नरवणे जी पर विश्वास करेंगे?”
विपक्ष के नेताओं ने कहा कि किताब में कई ऐसे असहज सच हैं, जो सरकार को शर्मिंदा कर देंगे और इसीलिए यह विपक्ष को सदन में गलवान गतिरोध की सच्चाई उजागर करने से रोक रही है.
इस बीच पेंगुइन ने इस बढ़ते विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पुस्तक की कोई भी प्रति ‘मुद्रित या डिजिटल रूप में प्रकाशित, वितरित, बेची या किसी अन्य तरीके से जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है.’
प्रकाशक ने आधिकारिक बयान में कहा, “पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया यह स्पष्ट करना चाहता है कि भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की ओर से लिखित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के प्रकाशन अधिकार हमारे पास हैं. हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि पुस्तक का प्रकाशन अभी तक नहीं हुआ है.”
IANS
