सर्राफा बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 1.79 लाख टूटी चांदी, सोना भी फिसला

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सांकेतिक तस्वीर / (फोटो क्रेडिट : आईएएनएस)

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सर्राफा बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 1.79 लाख टूटी चांदी, सोना भी फिसला

 

मुंबई| सर्राफा बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है. बजट में सोना और चांदी को लेकर कोई बड़ी या सीधी घोषणा नहीं की गई, इसके बावजूद कमोडिटी मार्केट में कीमती धातुओं पर दबाव साफ दिखा.

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन, सोमवार को एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट देखी गई. चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से करीब 1.79 लाख तक टूट चुकी है, जबकि सोना भी फिसलकर करीब 1.37 लाख रुपए के स्तर पर आ गया है. बीते तीन दिनों से सोने-चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है.

फिलहाल खबर लिखे जाने तक (सुबह 11.22 बजे) एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 5,719 रुपए यानी 4.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,36,498 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. तो वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी 23,908 रुपए सस्ती होकर 2,41,744 लाख रुपए प्रति किलो पर आ गई, जिसमें करीब 9 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. निवेशकों की मुनाफावसूली और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते सर्राफा बाजार में दबाव बना हुआ है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो सोमवार की शुरुआती ट्रेडिंग में स्पॉट गोल्ड करीब 4 प्रतिशत तक टूट गया, जबकि चांदी में भी लगभग इतनी ही गिरावट देखने को मिली. हालांकि, पहले 12 प्रतिशत तक गिरने के बाद चांदी 80 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर टिकने में सफल रही. इससे पहले सत्र में चांदी ने पिछले 10 वर्षों की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट दर्ज की थी, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई.

गिरावट के पीछे कई अहम वजहें मानी जा रही हैं. हाल ही में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं, जिसने बड़े और अनुभवी निवेशकों को भी हैरान कर दिया था. जनवरी में यह तेजी और बढ़ गई थी, जब वैश्विक तनाव, कमजोर होती मुद्राएं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी का रुख किया था.

हालिया गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से जुड़ी एक खबर को माना जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फेड चेयर के रूप में केविन वॉर्श को नामित करने की योजना बना रहे हैं. इस खबर के बाद अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जिससे कमजोर डॉलर की उम्मीद कर रहे ट्रेडर्स की धारणा बदल गई और सोने-चांदी में तेज बिकवाली देखने को मिली.

 

 

 


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