होन्गकोंग की गगनचुंबी इमरतों में कैसे लगी इतनी भीषण आग ?, अब तक 75 की मौत
फोटो: आईएएनएस
हॉन्गकॉन्ग में 26 नवंबर को अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लग गई. इस आग में अब तक 75 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. लापता लोगों की संख्या भी 300 के आसपास बताई जा रही है. इसे शहर के इतिहास के सबसे भीषण अग्निकांड में से एक बताया जा रहा है.
यह घटना हॉन्ग कॉन्ग के ताई पो जिले में वांग फुक कोर्ट अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में हुई, जहां रेनोवेशन के दौरान आग लग गई. सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त नहीं होने की वजह से आग तेजी से फैली, जिसने कई इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया.
हॉन्ग कॉन्ग के ताई पोल जिले का यह कॉम्प्लेक्स 1983 में बना था. यह ताई पो का सबसे ऊंचा रिहायशी इलाका है. जहां कई आठ गगनचुंबी इमारतें हैं और लगभग 2,000 फ्लैट्स हैं. यह ताई पो का सबसे ऊंचा रिहायशी इलाका है, जहां 2021 की जनगणना के अनुसार 4,643 लोग रहते थे.
यह आग मुख्य रूप से वांग चेओंग हाउस से शुरू हुई और 4 से 7 ब्लॉक्स तक फैल गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉम्प्लेक्स की बाहरी दीवारों की मरम्मत चल रही थी. मरम्मत का यह काम कई महीनों से चल रहा था. इस वजह से सभी इमारतों पर बांस की स्कैफोल्डिंग लगी थी. हालांकि, सरकार ने मार्च 2025 से बांस स्कैफोल्डिंग पर प्रतिबंध लगाया था क्योंकि यह पूरी तरह से ज्वलनशील होता है.
यह आग 26 नवंबर की दोपहर 2.50 बजे के आसपास लगी. आग बाहरी स्कैफोल्डिंग की हरी नेटिंग पर लगी. यह स्कैफोल्डिंग वांग चेओंग हाउस पर लगी थी. इमारत की खिड़कियों पर ज्वलनशील स्टाइरोफोम बोर्ड्स लगे थे. बांस स्कैफोल्डिंग ने आग को ऊपर की ओर तेजी से फैलाया. आग इतनी तेजी से फैली की चार से पांच मिनट के अंदर ही इसने 31 मंजिलों वाली इमारत को पूरी तरह से अपनी जद में ले लिया. प्लास्टिक या पॉलीस्टाइरीन जैसी रेनोवेशन मैटेरियल्स की वजह से आग भीषण होती चली गई.
A massive fire broke out in a large residential complex in Tai Po, #HongKong . So far, 44 people have died and 279 have been injured.
> The fire spread so fast that several buildings were caught in the blaze. It is considered one of Hong Kong’s deadliest fires in decades.
> The… pic.twitter.com/m5xjGnSkgD
— Shubham (@ShubhamQuest) November 27, 2025
जांच में पता चला कि लिफ्ट की खिड़कियों को ढकने के लिए इस्तेमाल किया गया स्टायरोफॉम में आग तेजी से फैली. इसी वजह से आग इतनी तेजी से फैल गई. मामले में पुलिस ने ठेकेदार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है.
इस आग को लेवल-5 करार दिया गया है, जो हॉन्ग कॉन्ग में आग की सबसे खतरनाक कैटेगरी है. कॉम्प्लेक्स में आग लगने के बाद लोगों को अस्थाई शेल्टर्स में पनाह दी गई है. आग लगने की वजह बताई जा रही है कि यह आग सिगरेट से लगी हो सकती है.
बता दें कि हॉन्ग कॉन्ग में अब तक की सबसे भीषण आग 27 फरवरी 1918 को लगी थी. यह आग हैप्पी वैली रेसकोर्स में लगी थी, जिसमें 600 से ज्यादा लोगों की मौत की बात कही गई है. इसके बाद 22 सितंबर 1948 को एक और भीषण आग लगी थी, जो एक गोदाम में लगी थी, जिसमें 176 लोगों की मौत हुई थी.
