रूसी राष्ट्रपति पुतिन के रात्रिभोज का निमंत्रण मिलने पर क्या बोले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ?

THAROOR (1)

फोटो क्रेडिट :आईएएनएस

The Hindi Post

रूसी राष्ट्रपति पुतिन के रात्रिभोज का निमंत्रण मिलने पर क्या बोले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ?

 

नई दिल्ली | रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में आयोजित रात्रिभोज में जहां कांग्रेस सांसद शशि थरूर को बुलाया गया है तो वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को आमंत्रण नहीं दिया गया है.

विपक्ष ने केंद्र सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसा करके लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश की जा रही है जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है.

इस संबंध में जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर से सवाल किया गया कि क्या आप रात्रिभोज में जाएंगे? आपको निमंत्रण मिला है, तो उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “हां, मैं बिल्कुल जाऊंगा. मुझे बुलाया गया है. मैं इस आमंत्रण के प्रति उनका आभार प्रकट करता हूं. मैं खुद को सम्मानित महसूस करता हूं कि मुझे रात्रिभोज में शामिल होने का निमंत्रण मिला है.”

वहीं, जब उनसे रूस के राष्ट्रपति के रात्रिभोज में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को निमंत्रण नहीं भेजे जाने के संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि केंद्र सरकार ने किस आधार पर यह निमंत्रण भेजा है. आमतौर पर इस तरह के मौकों पर नेता प्रतिपक्ष को निमंत्रण भेजा जाता है. लोकसभा से लेकर राज्यसभा तक में नेता प्रतिपक्ष को निमंत्रण भेजा जाता है लेकिन इस बार पता नहीं ऐसा क्यों किया गया.”

उन्होंने कहा कि इस तरह के निमंत्रण आमतौर पर केंद्र सरकार की तरफ से भेजे जाते हैं. अब उन्होंने किस आधार पर निमंत्रण भेजा है यह तो वो ही बता सकते हैं. इस पर मैं क्या टिप्पणी कर सकता हूं?

उन्होंने कहा कि अगर मैं राजनीतिक परंपराओं की बात करूं तो इस तरह के मौकों पर न सिर्फ नेता प्रतिपक्ष को निमंत्रण दिया जाता है बल्कि अन्य दलों के नेताओं को भी बुलाया जाता है लेकिन पता नहीं इस बार ऐसा क्यों किया गया है. संभवत: उनका कोई अपना नियम हो जिसके आधार पर ये निमंत्रण भेजे गए हैं.

बता दें कि इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे के दौरान विपक्ष के किसी भी नेता को क्यों नहीं बुलाया गया. विपक्ष के नेता को रूस के राष्ट्रपति से मिलने नहीं दिया जा रहा है क्योंकि यह सरकार खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है. लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है.

आईएएनएस

 


The Hindi Post
error: Content is protected !!