कांग्रेस सांसद और सपा विधायक के बीच हुई जोरदार बहस, MLA बोले- “यहां पकौड़े खाने नहीं आए…”, MP ने दिया जवाब, वीडियो हुआ वायरल

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फोटो: आईएएनएस

The Hindi Post

कांग्रेस सांसद और सपा विधायक के बीच हुई जोरदार बहस, MLA बोले- “यहां पकौड़े खाने नहीं आए…”, MP ने दिया जवाब, वीडियो हुआ वायरल

 

नई दिल्ली | उत्तर प्रदेश में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद और समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक के बीच तीखी नोकझोंक का वीडियो सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘इंडिया’ गठबंधन पर हमले तेज कर दिए हैं.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी द्वारा साझा किए गए इस वीडियो में दोनों दलों के नेताओं के बीच खुलेआम बहस होते दिख रही है. 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन के भीतर उपजे इस तनाव को लेकर भाजपा आक्रामक हो गई है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वायरल हो रहे वीडियो में सहारनपुर में एक जनसभा के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा विधायक आशु मलिक के बीच तीखी बहस होती नजर आ रही है. बताया जा रहा है कि यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब मसूद ने भाषण के बीच में टोका-टोकी पर आपत्ति जताई और वक्ताओं से कार्यक्रम की गरिमा व व्यवस्था बनाए रखने को कहा.

गठबंधन के दो प्रमुख सहयोगियों के बीच हुई इस नोकझोंक ने विपक्षी खेमे के भीतर के अंतर्विरोधों और मतभेदों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है. इससे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के चुनावी तालमेल और सीट बंटवारे पर भी सवाल उठने लगे हैं.

वीडियो साझा करते हुए प्रदीप भंडारी ने कहा, “राहुल गांधी और अखिलेश यादव की पार्टियां आपस में ही लड़ रही हैं! सपा-कांग्रेस गठबंधन अब खुली लड़ाई में बदल चुका है. यह है इनके ‘महागठबंधन’ का असली हाल.”

उन्होंने बातचीत का अंश साझा करते हुए लिखा कि वीडियो में सपा विधायक कहते सुने जा सकते हैं, “अरे आप… हम यहां पकौड़े खाने नहीं आए हैं!” जिस पर इमरान मसूद पलटवार करते हुए कहते हैं, “आपको यहां पकौड़े खिला कौन रहा है?”

भंडारी ने इस पूरी तकरार को “पकौड़ा बनाम ताना” करार देते हुए उत्तर प्रदेश में विपक्ष के राजनीतिक भविष्य पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “जो आपस में ही लड़ने में व्यस्त हैं, वे उत्तर प्रदेश की जनता का विश्वास कभी नहीं जीत सकते. राज्य की जनता इस सपा-कांग्रेस गठबंधन को एक बार फिर खारिज कर देगी.”

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों दल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए संगठनात्मक तैयारियां तेज कर रहे हैं और भाजपा के खिलाफ एकजुटता बनाए रखने की कोशिश में हैं. कांग्रेस लगातार सपा के साथ सीट बंटवारे पर जल्द चर्चा की मांग कर रही है, लेकिन इस ताजा टकराव ने राज्य स्तर पर दोनों दलों के बीच समन्वय पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था, जहां विपक्षी गठबंधन ने मजबूत प्रदर्शन किया था. सपा ने 37 और कांग्रेस ने छह सीटें जीतकर राज्य में अपनी स्थिति मजबूत की थी. 2027 का विधानसभा चुनाव सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी गठबंधन के बीच बेहद कड़ा मुकाबला माना जा रहा है, जहां सपा अपने पुराने प्रदर्शन को दोहराने और कांग्रेस अपने संगठनात्मक जनाधार को बढ़ाने की कोशिश में है. हालांकि, दोनों दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के संकेतों के बावजूद सीट बंटवारे को लेकर खींचतान की खबरें लगातार सामने आ रही हैं.

By IANS

 


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