सोनम वांगचुक की हिरासत से जुड़े मामले की सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, क्या बोली केंद्र सरकार ?
सोनम वांगचुक की फाइल फोटो (क्रेडिट: आईएएनएस)
सोनम वांगचुक की हिरासत से जुड़े मामले की सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, क्या बोली केंद्र सरकार ?
नई दिल्ली | सोशल एक्टिविस्ट और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की हिरासत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. इस दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि स्वास्थ्य के आधार पर सोनम वांगचुक को रिहा करना मुमकिन नहीं है.
केंद्र सरकार की ओर से पेश होते हुए सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और प्रसन्ना बी. वराले की पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया कि वांगचुक की चिकित्सा स्थिति की समय-समय पर समीक्षा की गई है और उनकी रिहाई को उचित ठहराने वाली कोई ‘चिंताजनक बात’ नहीं है.
चिकित्सा कारणों से किसी भी प्रकार की छूट का विरोध करते हुए, सॉलिसिटर जनरल मेहता ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा, “स्वास्थ्य कारणों से उन्हें रिहा करना संभव नहीं होगा. यह वांछनीय भी नहीं हो सकता है. हमने इस पर पूरा विचार किया है.”
केंद्र सरकार के वकील ने कहा, “हमने समय-समय पर 24 बार उनकी सेहत की जांच की है. वह स्वस्थ और तंदुरुस्त हैं. उन्हें पाचन संबंधी कुछ समस्याएं थीं, उनका इलाज चल रहा है. चिंता की कोई बात नहीं है. कुछ भी चिंताजनक नहीं है. हम इस तरह के अपवाद नहीं बना सकते हैं.”
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत को चुनौती देने वाली उनकी पत्नी गीतांजलि की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. सुनवाई के दौरान कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए केंद्र ने बताया कि वांगचुक को रिहा करना मुमकिन नहीं है.
न्यायमूर्ति कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने टिप्पणी की थी कि वांगचुक 26 सितंबर, 2025 से हिरासत में हैं और सुझाव दिया था कि सरकार को इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्या उनकी हिरासत जारी रखने की आवश्यकता है.
इस सप्ताह की शुरुआत में, शीर्ष अदालत ने मामले में आगे की सुनवाई स्थगित न करने की चेतावनी दी थी और सरकार के विधि अधिकारी द्वारा मांगे गए अतिरिक्त समय को अस्वीकार कर दिया था.
इससे पहले सोमवार को पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा था कि वह सोनम वांगचुंक की खराब सेहत और बढ़ती उम्र को देखते हुए उन्हें हिरासत में रखे जाने के फैसले पर फिर से विचार करे.
केंद्र ने तब भी यही कहा था कि वांगचुक की हालत बिल्कुल ठीक है और हिरासत में रहने के दौरान उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जोधपुर से सर्वोत्तम उपचार मिल रहा है.
वांगचुक इस समय जोधपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं. पिछले साल 26 सितंबर को वांगचुक को हिरासत में लिया गया था. उन्हें हिरासत में लिए जाने से 2 दिन पहले, लद्दाख को राज्य का दर्जा दिए जाने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत होने को लेकर सरकार ने उन पर हिंसा भड़काने का गंभीर आरोप लगाया था.
IANS
