GST को लेकर सरकार का यह है नया प्लान, बड़े बदलाव की तैयारी……
नई दिल्ली | वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को दो-स्लैब वाले वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सिस्टम का प्रस्ताव पेश कर दिया. इसमें एक स्लैब है “स्टैंडर्ड” और दूसरा है “मेरिट”. साथ ही चुनिंदा वस्तुओं के लिए भी विशेष दरें शामिल होंगी.
यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए गए उनके संबोधन के बाद आया है. उन्होंने कहा था कि जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधारों का अनावरण दिवाली तक किया जाएगा. इससे आम आदमी को कर राहत मिलेगी और छोटे व्यवसायों को लाभ होगा.
आपको बता दे कि सरकार ने जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए अपना प्रस्ताव जीएसटी परिषद द्वारा गठित मंत्रिसमूह (जीओएम) को भेज दिया है.
नए GST रिफॉर्म के तहत सिर्फ 2 स्लैब रखने का प्रस्ताव है. अभी के समय में 0%, 5%, 12%, 18% और 28% स्लैब हैं जिस घटाकर ‘स्टैंडर्ड और मेरिट’ वाले सिर्फ 2 स्लैब ही रखे जाएंगे. विशेष दरें सिर्फ कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर ही लागू होंगी.
मंत्रालय का कहना है कि कंपनसेशन सेस खत्म होने के बाद अब जीएसटी दरों को सुधारने और संतुलित करने में ज्यादा आजादी और लचीलापन मिल गया है जिससे सिस्टम को लंबे समय तक स्थिर रखा जा सकेगा.
इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में सुधार का उद्देश्य इनपुट और आउटपुट कर दरों को संरेखित करना है ताकि इनपुट टैक्स क्रेडिट का जमा कम हो और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिले.
एक और बड़े प्रस्ताव में टैक्स दरों के ढांचे को सरल बनाना, वर्गीकरण से जुड़े झगड़ों को घटाना, नियमों को आसान करना और सभी क्षेत्रों में समान नियम लागू करना शामिल है. मंत्रालय का कहना है कि इससे उद्योगों को लंबे समय के लिए स्पष्ट दिशा मिलेगी और वे बेहतर तरीके से व्यापार की योजना बना सकेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए भाषण में सुधारों और आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए एक विस्तृत दृष्टिकोण प्रस्तुत किया जिसमें टैक्स की दरों में बदलाव से लेकर छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाने तक के कुछ महत्वपूर्ण सुधार शामिल है.
उन्होंने जीएसटी व्यवस्था में व्यापक बदलावों का संकेत देते हुए कहा, “इस दिवाली, मैं आपके लिए दोहरी दिवाली मनाने जा रहा हूं. देशवासियों को एक बड़ा तोहफा मिलने वाला है, आम घरेलू वस्तुओं पर जीएसटी में भारी कटौती होगी.”
प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी दरों की समीक्षा की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया और इसे “समय की मांग” बताया. उन्होंने घोषणा की, “जीएसटी दरों में भारी कमी की जाएगी. आम लोगों के लिए कर कम किया जाएगा.”
यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब देश में जीएसटी लागू हुए आठ वर्ष पूरे हो चुके हैं और यह आजादी के बाद भारत के सबसे महत्वपूर्ण कर सुधारों में से एक बन गया है.
