भैंस की मौत के बाद 200 ग्रामीण लगवाने पहुंचे रेबीज की वैक्सीन, क्या है यह मामला…?

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सांकेतिक तस्वीर (AI Photo - ChatGPT)

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भैंस की मौत के बाद 200 ग्रामीण लगवाने पहुंचे रेबीज की वैक्सीन, क्या है यह मामला…?

 

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां तेरहवीं के भोज में रायता खाने के बाद 200 से ज्यादा लोगों को रेबीज की वैक्सीन लगवानी पड़ी. यह रायता जिस भैंस के दूध से बना था उसे कुछ दिन पहले एक पागल कुत्ते ने काट लिया था. तेरहवीं के कुछ दिन बाद उस भैंस की मौत हो गई जिसके बाद गांव में डर फैल गया.

यह मामला उझानी कोतवाली क्षेत्र के पिपरौल गांव का है. गांव निवासी ओरन साहू की मौत के बाद 22 दिसंबर को उनकी तेरहवीं का भोज रखा गया था. इस भोज का आयोजन उनके दामाद कृपाशंकर ने किया था. भोज में रायता परोसा गया था जो गांव के ही प्रमोद साहू की भैंस के दूध से तैयार किया गया था.

तेरहवीं के कुछ दिन बाद शुक्रवार को भैंस की मौत हो गई. बताया गया कि भैंस को पहले एक पागल कुत्ते ने काट लिया था जिससे वह बीमार पड़ गई और बाद में मर गई. यह खबर फैलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया. लोगों को डर सताने लगा कि कहीं रेबीज का संक्रमण उन्हें भी न हो जाए.

रेबीज के डर से गांव के लोग अस्पताल पहुंचने लगे. स्थानीय सीएचसी और जिला अस्पताल में वैक्सीन लगवाने वालों की भीड़ लग गई. अब तक गांव के कई लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं. अन्य लोग भी जांच और टीकाकरण की तैयारी कर रहे हैं.

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने कहा कि एहतियात के तौर पर सभी को एंटी-रेबीज वैक्सीन दी सलाह दी गई है. आमतौर पर उबले दूध से रेबीज का खतरा नहीं होता लेकिन किसी भी तरह की शंका होने पर सावधानी बरतना जरूरी है. उन्होंने कहा कि इलाज से बेहतर बचाव होता है. इसलिए डरने के बजाय समय पर वैक्सीन लगवाना सही फैसला है.

 

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