अजित पवार का निधन: विमान हादसा कोई साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि एक “सुनियोजित साजिश”, रोहित पवार ने किए सनसनीखेज दावे
अजित पवार की मौत पर उनके भतीजे रोहित पवार ने दिल्ली प्रेस क्लब में प्रजेंटेशन देकर सवाल उठाए / (फोटो क्रेडिट : सोशल मीडिया)
अजित पवार का निधन: विमान हादसा कोई साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि एक “सुनियोजित साजिश”, रोहित पवार ने किए सनसनीखेज दावे
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा – शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार (अजित पवार के भतीजे) ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अजित पवार के निधन के मामले में सनसनीखेज दावे किए.
रोहित पवार ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि यह विमान हादसा कोई साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि एक “सुनियोजित साजिश” (साजिश का हिस्सा) थी.
उन्होंने विमानन कंपनी, पायलटों और 28 जनवरी की उस यात्रा की विशेष परिस्थितियों को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए.
रोहित पवार ने इस घटना के विभिन्न पहलुओं पर एक विस्तृत 50-स्लाइड का पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया, जिसमें विमान का विवरण, पायलटों की योग्यता (क्रेडेंशियल्स), बारामती हवाई अड्डे पर मौसम की स्थिति और तकनीकी प्रोटोकॉल जैसी जानकारियां शामिल थीं.
उन्होंने इस मामले की गहन जांच की मांग करते हुए कहा, “हमें यह पता लगाना ही होगा कि क्या इसमें (विमान हादसे) कोई साजिश थी. अजीत दादा एक कद्दावर नेता थे. यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर उन्हें उस दिन विमान से यात्रा करने के लिए मजबूर क्यों किया गया?”
लाईव्ह |📍मुंबई | पत्रकारांशी संवाद |🗓️10-02-2026 https://t.co/9XAKinUZZx
— Rohit Pawar (@RRPSpeaks) February 10, 2026
रोहित पवार ने आगे बताया, “कैबिनेट की बैठक के बाद, अजीत दादा को मूल रूप से शाम करीब 5 या 5:30 बजे कार से पुणे से मुंबई के लिए निकलना था. एक ‘बहुत बड़े नेता’ को उनसे मिलना था. वह नेता देरी से पहुंचे और चर्चा लंबी खिंच गई, जिससे काफी विलंब हुआ. इसी देरी के कारण कार से जाने का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा और अंतिम समय में विमान बुक करना पड़ा.”
रोहित पवार ने इस बात पर भी जोर दिया कि अजीत पवार हाल के दिनों में कितने सतर्क हो गए थे. उन्होंने (रोहित पवार) दावा किया कि पूर्व उपमुख्यमंत्री (अजित पवार) ने प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीना छोड़ दिया था और कांच की बोतलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया था ताकि पानी में जहर मिलाने के खतरे से बचा जा सके.
रोहित पवार ने कहा, “अजीत दादा एक योद्धा थे, उन्हें कोई ब्लैकमेल नहीं कर सकता था. उन्होंने ये सावधानियां इसलिए बरतीं क्योंकि प्लास्टिक की बोतलों के साथ आसानी से छेड़छाड़ की जा सकती है.”
तस्वीरों को सबूत के तौर पर पेश करते हुए रोहित पवार ने “पायलटों के अनुभव पर सवाल उठाया.”
उन्होंने विमान की लैंडिंग के दौरान अपनाए गए प्रोटोकॉल और उन तकनीकी पहलुओं पर बात की जो यह संकेत देते हैं कि यह क्रैश “100 प्रतिशत जानबूझकर किया गया था.”
जब उनसे (रोहित पवार) पूछा गया कि क्या उन्होंने इन दावों पर शरद पवार से चर्चा की है — जिन्होंने पहले कहा था कि इसमें कोई राजनीति या साजिश नहीं थी — तो रोहित पवार ने स्पष्ट किया, “पवार साहब ने वो बयान हादसे के ठीक छह घंटे बाद दिया था. मैं 13 दिनों के शोध (रिसर्च) के बाद बोल रहा हूं. छह घंटे में किसी को कितनी जानकारी मिल सकती है? साथ ही, अगले दिन लाखों लोगों के जुटने की उम्मीद थी. ऐसे में अधूरी जानकारी देने से अशांति फैल सकती थी. पवार साहब के पास ऐसी संवेदनशील स्थितियों को संभालने की परिपक्वता है लेकिन परिवार का सदस्य होने के नाते, मुझे इस बात का जवाब चाहिए कि मेरे चाचा की मृत्यु कैसे हुई.”
IANS/Hindi Post Dot In
