हेट स्पीच मामले में जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिज़वी को SC से मिली जमानत, पर कोर्ट ने राखी कुछ शर्तें
नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को धर्म संसद मामले में मुसलमानों के खिलाफ कथित भड़काऊ भाषण देने के आरोपी जितेंद्र त्यागी को जमानत दे दी. जितेंद्र त्यागी को पहले वसीम रिजवी के नाम से जाना जाता था.
न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्न की पीठ ने त्यागी को निर्देश दिया कि वे अब इस तरह की कथित गतिविधियों में शामिल न हों और निचली अदालत के समक्ष एक हलफनामा पेश करें कि वह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या सोशल मीडिया को संबोधित नहीं करेंगे.
अगस्त महीने के अंत में, शीर्ष अदालत ने त्यागी की अंतरिम जमानत को बढ़ाने से इनकार कर दिया था. यह अंतरिम जमानत त्यागी को चिकित्सकी आधार पर दी गई थी. त्यागी को आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था.
शीर्ष अदालत ने सोमवार को कहा कि त्यागी को तीन दिनों के भीतर निचली अदालत में पेश किया जाना चाहिए और अदालत की संतुष्टि के अनुसार उन्हें नियम और शर्तों पर जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए.
पीठ ने स्पष्ट किया कि यदि वह जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन करते है तो अभियोजन उनकी जमानत रद्द करवाने के लिए आवेदन कर सकते है.
17 मई को सुप्रीम कोर्ट ने त्यागी को तीन महीने की अंतरिम जमानत दी थी. शीर्ष अदालत ने शर्त रखी थी कि त्यागी अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंगे और मीडिया को कोई बयान नहीं देंगे.
आईएएनएस
