जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात का आदेश दिया

High Court Of Jammu And Kashmir Srinagar IANS

(फोटो/आईएएनएस)

The Hindi Post

जम्मू: जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय ने एक युगांतकारी फैसले में गर्भवती हुई एक दुष्कर्म पीड़िता का गर्भपात कराने का आदेश दिया। 17 साल उम्र की एक दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात कराने के लिए हाईकोर्ट की अनुमति लेने की जरूरत पड़ गई, क्योंकि कानून मात्र 20 हफ्तों के गर्भ को गिराने की अनुमति देता है, जबकि इस दुष्कर्म पीड़िता का गर्भ 26 हफ्तों का हो चला है।

न्यायमूर्ति जावेद इकबाल वानी ने जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज और शहर के एसएमजीएस अस्पताल के अधिकारियों को डॉक्टरों के बोर्ड से पीड़िता की नए सिरे से जांच कराने तथा पीड़िता के चिकित्सीय गर्भपात से पहले एक मनोचिकित्स से सलाह लेने के निर्देश दिए।

अदालत ने यह निर्देश भी दिया कि डॉक्टरों का बोर्ड पीड़िता के गर्भपात का फैसला लेते समय यह सुनिश्चित करे कि भ्रूण का डीएनए सुरक्षित रखा जाएगा, क्योंकि वह भविष्य में सबूत के तौर पर काम आ सकता है।

अदालत ने गर्भपात के लिए पीड़िता को मुफ्त चिकित्सीय सहायता देने का आदेश भी दिया।

पीड़ित लड़की के बयान के मुताबिक, पिछले साल डोडा जिले में 12 दिसंबर को अशोक कुमार नामक युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। आरोपी पुलिस हिरासत में है।

आईएएनएस

 


The Hindi Post
error: Content is protected !!