भजन-कीर्तन से गूंजा मंदिर परिसर, बच्चों और महिलाओं की प्रस्तुतियों ने बांधा समां, नवरात्र महोत्सव में उमड़ा श्रद्धा और संस्कृति का संगम
भजन-कीर्तन से गूंजा मंदिर परिसर, बच्चों और महिलाओं की प्रस्तुतियों ने बांधा समां, नवरात्र महोत्सव में उमड़ा श्रद्धा और संस्कृति का संगम
कानपुर | किदवई नगर स्थित सार्वजनिक श्री संकट मोचन विजय हनुमान एवं श्री दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित 15वें भव्य शारदीय नवरात्र एवं दशहरा महोत्सव–2026 का सप्तम दिवस मां कालरात्रि की आराधना, संगीतमय संकीर्तन और रंगारंग डांडिया-गरबा प्रस्तुतियों के साथ भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ. माता रानी के जयकारों और भजनों से मंदिर परिसर गूंज उठा. बच्चों एवं महिलाओं के डांडिया-गरबा सेमीफाइनल ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया.
महोत्सव में श्रद्धालुओं ने मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और शक्ति की कामना की. पारंपरिक डांडिया-गरबा प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की. आयोजन में भक्ति, उत्साह, सामाजिक एकता और महिला सशक्तीकरण का संदेश प्रमुखता से दिखाई दिया.
भजन गायिकाओं ने भक्तिरस से किया सराबोर
माता रानी के भजनों की प्रस्तुति देने वाली नीलम सिंह चौहान, मधु मिश्रा, डॉली द्विवेदी, शालिनी गुप्ता, शालिनी अवस्थी, सुषमा भारद्वाज एवं विजय लक्ष्मी ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्तिमय वातावरण बनाया. वहीं महिलाओं की प्रमुख सहभागिता में लक्ष्मी गुप्ता, अर्पणा त्रिपाठी, सुहानी पाल, मधुरिमा, अनुपमा अवस्थी, बबीता पाण्डे, मीरा गुप्ता, निशा शर्मा, उमाकान्ति गुप्ता, सुषमा सिंह, संगीता विश्वकर्मा, रत्ना गुप्ता, प्रियंका ठाकुर, इंदु बाजपेई, संयोगिता तिवारी, सुनीता सिंह, पूनम शुक्ला एवं सुदामा दुबे शामिल रहीं.
धर्म, संस्कृति और समाजसेवा का संगम
महोत्सव के मुख्य अतिथि एवं संरक्षक महेश त्रिवेदी, पूर्व मंत्री एवं विधायक, किदवई नगर विधानसभा हैं. आयोजन से जुड़ी नीलम आर्किटेक्ट एंड इंटीरियर डिजाइनर तथा सनातन वैवाहिक बंधन संस्था सामाजिक सेवा के कार्यों में भी सक्रिय हैं. सनातन वैवाहिक बंधन के माध्यम से गरीब कन्याओं का विवाह निःशुल्क कराने की पहल की जाती है.
कार्यक्रम में समाजसेवी वीरेंद्र चौहान, धर्म जागरण समन्वय परियोजना प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ—कानपुर दक्षिण, की सहभागिता रही. आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ समाज में एकता, सांस्कृतिक चेतना और सेवा भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं.
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