पायलट का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आने पर एयर इंडिया की सख्त कार्रवाई, तत्काल प्रभाव से नौकरी खत्म
सांकेतिक तस्वीर (AI Photo - ChatGPT)
पायलट का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आने पर एयर इंडिया की सख्त कार्रवाई, तत्काल प्रभाव से नौकरी खत्म
नई दिल्ली | एयर इंडिया ने शुक्रवार को कहा कि फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में सामने आई एक गंभीर इन-फ्लाइट घटना के बाद कराए गए कन्फर्मेटरी टेस्ट में पायलट के साइकोएक्टिव पदार्थ (मादक पदार्थ) के सेवन की पुष्टि हुई है. इसके बाद एयरलाइन ने आरोपी पायलट की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है.
एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, “सुरक्षा हमेशा से एयर इंडिया की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है. फुकेत-दिल्ली उड़ान के पायलट-इन-कमांड का साइकोएक्टिव पदार्थ का परीक्षण सकारात्मक (पॉजिटिव) आया है. सुरक्षा, फिटनेस या नियामक आवश्यकताओं के उल्लंघन को लेकर एयर इंडिया की ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) नीति के अनुरूप संबंधित पायलट की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं.”
एयर इंडिया ने यह कार्रवाई एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की उस प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर की है जिसमें पॉजिटिव टेस्ट रिपोर्ट (पायलट की टेस्ट रिपोर्ट) को बेहद गंभीर मानते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से प्राथमिकता के आधार पर सख्त कदम उठाने की सिफारिश की थी.
रिपोर्ट के अनुसार, फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2379 के पायलट-इन-कमांड (PIC) प्रारंभिक स्क्रीनिंग और उसके बाद हुई पुष्टिकरण लैब जांच (कन्फर्मेटरी टेस्ट), दोनों में साइकोएक्टिव पदार्थ के सेवन के दोषी पाए गए.
जांच एजेंसी ने कहा कि इस घटना के बाद दिल्ली में दोनों पायलटों की पोस्ट-फ्लाइट मेडिकल जांच की गई. जांच के दौरान दोनों क्रू मेंबर्स के ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट सामान्य पाए गए, लेकिन साइकोएक्टिव पदार्थ जांच में पायलट-इन-कमांड (PIC) का नतीजा ‘नॉन-नेगेटिव’ (पॉजिटिव) आया.
AAIB की रिपोर्ट में कहा गया, “PIC का सैंपल नॉन-नेगेटिव पाया गया. इसके बाद दोनों फ्लाइट क्रू के ब्लड सैंपल पुष्टि के लिए पैथोलॉजिकल लैब में भेजे गए. कन्फर्मेटरी टेस्ट रिपोर्ट में भी PIC का सैंपल नॉन-नेगेटिव पाया गया, जबकि को-पायलट का सैंपल दोनों ही जांचों में नेगेटिव रहा.”
जांच एजेंसी ने कहा कि इस घटना के तकनीकी और अन्य सभी पहलुओं की विस्तृत जांच अभी जारी है.
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, 4 अगस्त को फ्लाइट AI-2379 के रूप में उड़ान भर रहे एयरबस A320 विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम उस समय अचानक फेल हो गए थे, जब वह ओडिशा के ऊपर 36,000 फीट की ऊंचाई पर क्रूज कर रहा था.
पहले विमान पहले अपनी तय ऊंचाई से 372 फीट ऊपर चला गया था और फिर अचानक 292 फीट नीचे आ गया था. फ्लाइट के दौरान ऊंचाई में आए इस अचानक बदलाव को जांचकर्ताओं ने ‘एल्टीट्यूड अपसेट’ करार दिया है.
उस समय फ्लाइट में कुल 145 लोग सवार थे, जिनमें 137 यात्री, छह केबिन क्रू सदस्य और दो पायलट शामिल थे.
इसके अलावा, इस घटना में कम से कम 20 यात्रियों और चालक दल के चार सदस्यों को चोटें आईं थी.
AAIB की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि वॉक-अराउंड निरीक्षण के दौरान फ्लाइट क्रू द्वारा किसी भी खराबी की सूचना नहीं दी गई थी, जबकि फुकेत में विमान के प्री-फ्लाइट निरीक्षण में भी पहले से लागू मिनिमम इक्विपमेंट लिस्ट (MEL) आइटम के अलावा कोई अन्य असामान्यता सामने नहीं आई थी.
By IANS
