प्लास्टिक के नोटों का इंतजार खत्म ! आरबीआई के गवर्नर ने दी बड़ी जानकारी…
फोटो क्रेडिट : आईएएनएस
प्लास्टिक के नोटों का इंतजार खत्म ! आरबीआई के गवर्नर ने दी बड़ी जानकारी…
अगर सबकुछ ठीक रहा तो आप नए साल में प्लास्टिक के नोट का इस्तेमाल कर सकेंगे. दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि आरबीआई अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में पॉलिमर यानी प्लास्टिक के नोट जारी करने की तैयारी कर रहा है. मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा के बाद मल्होत्रा ने कहा कि कुछ देशों में पॉलिमर नोट का 30 वर्षों से अधिक समय तक चलने का रिकॉर्ड है. ये नोट खासतौर पर कम मूल्य वर्ग के नोटों के लिए उपयोगी होंगे, क्योंकि इनका उपयोग और चलन अधिक होता है.
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि अभी पॉलिमर के कागज के लिए निविदा आमंत्रित की गई है. इसके बाद उस पर परीक्षण किए जाएंगे और फिर सुरक्षा संबंधी स्वीकृतियां ली जाएंगी. इसके कई चरण और सिक्योरिटी फीचर हैं. उन्होंने कहा कि सही समय पर लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी. उन्होंने कहा, “अगर सभी योजनाएं तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती हैं तो हमारा लक्ष्य है कि ये नोट अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में चलन में आ जाएं.”
संजय मल्होत्रा ने बताया कि पॉलिमर नोट लाने के दो उद्देश्य हैं. पहला, इससे नोट का जीवनकाल बढ़ जाता है. यह विशेष रूप से कम मूल्य के नोटों पर अधिक लागू होता है, जिनका चलन एक हाथ से दूसरे हाथ में अधिक होता है, जिससे वे जल्दी खराब हो जाते हैं. कई देशों में 30 साल से इन नोटों का इस्तेमाल हो रहा है. वहां यह पाया गया है कि ये नोट कागज के नोटों की तुलना में तीन-चार गुना ज्यादा समय तक चलते हैं. इसके अलावा, इससे आरबीआई की क्षमता बढ़ जाती है. अर्थव्यवस्था के बढ़ते आकार के साथ क्षमता बढ़ाना जरूरी है.
बता दें कि पॉलिमर नोट एक विशेष प्रकार के प्लास्टिक जैसे सिंथेटिक पदार्थ से बनाया जाता है. इसमें एक मजबूत और लचीली प्लास्टिक फिल्म का इस्तेमाल होता है, जिस पर नोट की छपाई की जाती है. ये नोट कागजी नोट की तुलना में अधिक टिकाऊ होंगे और जल्दी खराब नहीं होंगे. बता दें कि सरकार ने 10 रुपये और 20 रुपये के प्लास्टिक के नोट लाने की रिजर्व बैंक को अनुमति दे दी है. अभी उसे प्लास्टिक के दो अरब नोट छापने की अनुमति मिली है, जो पायलट टेस्ट के लिए होंगे. शुरुआत में इन नोटों को पायलट टेस्ट के लिए लाया जाएगा. यदि पायलट में सबकुछ ठीक रहा तो इसका आगे विस्तार किया जाएगा.
