कॉकरोच जनता पार्टी का पाकिस्तान में भी जिक्र… कॉकरोचों से डर गया पड़ोसी मुल्क, गृहमंत्री बोले – “ये कॉकरोच सब…”
एशियन क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन मोहसिन नकवी (फोटो क्रेडिट: आईएएनएस)
कॉकरोच जनता पार्टी का पाकिस्तान में भी जिक्र… कॉकरोचों से डर गया पड़ोसी मुल्क, गृहमंत्री बोले – “ये कॉकरोच सब…”
नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले चले छात्र आंदोलन ने न केवल भारत की राजनीति को प्रभावित किया है बल्कि इसकी गूंज अब सीमा पार पाकिस्तान में भी सुनाई दे रही है.
अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हुए इस विरोध-प्रदर्शन और भारी राजनीतिक दबाव के बाद धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. भारत में शांत हो चुके इस आंदोलन के प्रभाव को देखते हुए अब पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अपने देश के असंतुष्ट युवाओं के संगठित होने और विद्रोह करने की आशंका जाहिर की है. उन्होंने पाकिस्तान में आर्थिक नाकामी की बात भी स्वीकार की है.
देश की चरमराती अर्थव्यवस्था और भारी कर्ज के संकट को स्वीकार करते हुए नकवी ने माना कि ईरान-अमेरिका तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से ईंधन की कीमतें और महंगाई बेकाबू हो चुकी हैं. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान भारी कर्ज में डूबा हुआ है और इससे कोई राहत भी मिलती नहीं दिख रही. कर्ज की स्थिति को ठीक करना हमारा कर्तव्य है. पाकिस्तान लंबे समय से बुरे आर्थिक हालात से गुजर रहा है.”
🚨🇵🇰 पाकिस्तान के गृह मंत्री ने देश में बढ़ते असंतोष पर टिप्पणी करते हुए कहा:
💬 “हम अपने युवाओं को वह नहीं दे पा रहे जो वे चाहते हैं। आप उन्हें युवा कहें या #कॉकरोच , लेकिन अगर ये एकजुट हो गए तो सब कुछ बदल सकते हैं।”
यह बयान भारत समर्थित विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में उनकी…— G K Gourav (@GouravGKRepots) July 31, 2026
उन्होंने कहा, “इसकी वजह से पाकिस्तान में युवाओं की सरकार से नाराजगी बढ़ती जा रही है. नकवी ने इसी वजह से कॉकरोच के विद्रोह की चेतावनी दी और कहा कि हम अपने युवाओं को वो जगह नहीं दे पा रहे हैं जो वे चाहते हैं. आप उन्हें युवा या फिर कॉकरोच कुछ भी कह सकते हैं लेकिन अगर ये कॉकरोच एक साथ आ गए तो वे सबकुछ पलट देंगे.”
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले 70 वर्षों से घिसट रहा पाकिस्तान का प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह से ढह चुका है.
उन्होंने कहा, “जिस सिस्टम में हम लोग रहे हैं वह पूरी तरह से ढह गया है. चाहें हम लोग इस बात को मानें या फिर न मानें. पिछले 70 सालों में हम लोग इस सिस्टम को घसीटने की कोशिश करते रहे हैं. यहां के आम बजट को देखें. हमारे पास सिर्फ यही कहने के लिए है कि हमने कितना लोन इस साल लिया है. हमारी ड्यूटी इसे ठीक करने की है लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे. हम और ज्यादा कर्ज लेंगे. हर साल हमारा कर्ज बढ़ रहा है.
बता दें कि मोहसिन नकवी ने कॉकरोच शब्द का इस्तेमाल भारत में हुए प्रदर्शन के बाद किया है.
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