“…..मैं माफी मांगता हूं”, संसद मार्च में लाठीचार्ज के बाद सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने किससे मांगी माफी ?
सीजेपी फाउंडर अभिजीत दिपके की फाइल फोटो / (क्रेडिट : आईएएनएस)
सीजेपी फाउंडर अभिजीत दिपके की फाइल फोटो / (क्रेडिट : आईएएनएस)
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों से धरने पर बैठे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों ने सोमवार को संसद की तरफ मार्च निकाला. इस दौरान भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. इस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए. प्रदर्शन के अगले ही दिन सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने समर्थकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी. उन्होंने विशेष रूप से उन छात्राओं का जिक्र किया जिन पर कथित तौर पर पुरुष पुलिसकर्मियों ने बल प्रयोग किया था.
अभिजीत दीपके ने मंगलवार (21 जुलाई) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट शेयर की. उन्होंने लिखा, “मैं सभी समर्थकों, खासकर उन छात्राओं से माफी मांगता हूं जिन्हें प्रदर्शन के दौरान चोटें आईं.” दीपके ने स्वीकार किया कि प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए और बेहतर इंतजाम किए जा सकते थे. उन्होंने आगे लिखा, “हम इससे बेहतर कर सकते थे. मैं आपको दिल्ली पुलिस की इस अमानवीय कार्रवाई से बचाने के लिए और अधिक प्रयास कर सकता था.”
I apologise to all our supporters, especially the girls who were brutally beaten by male police officers.
We could have done better. I could have done better to protect you from the inhumane actions of the Delhi Police.
To protect one Dharmendra Pradhan, who is responsible for…
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 21, 2026
धर्मेंद्र प्रधान और केंद्र सरकार पर साधा निशाना
अपनी पोस्ट में अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि 20 से ज्यादा छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए सरकार कई और छात्रों का खून बहाने को तैयार दिख रही थी.
गौरतलब है कि दिल्ली में युवा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे. प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बर्बरतापूर्वक बल प्रयोग किया, जिससे कई छात्र-छात्राएं जख्मी हो गए. दूसरी तरफ, पुलिस का दावा है कि इस हिंसक प्रदर्शन के दौरान 118 सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं.
‘घायल सीधे मुझे भेजें मैसेज’ – दीपके
अभिजीत दीपके ने अपनी पोस्ट के जरिए घायलों से सीधा संपर्क साधने की बात कही. उन्होंने लिखा कि जो भी प्रदर्शन के दौरान घायल हुआ है, वह उन्हें मैसेज करे. दीपके ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने का आश्वासन भी दिया. उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में दोहराया कि छात्रों के अधिकारों और न्याय की यह लड़ाई आगे भी मजबूती से जारी रहेगी.