पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के लिए रवाना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिखाई हरी झंडी
पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के लिए रवाना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिखाई हरी झंडी
जींद | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव उपस्थित रहे.
हरी झंडी दिखाने के बाद उन्होंने जींद रेलवे स्टेशन पर मौजूद लोगों और छात्र-छात्राओं का अभिनंदन स्वीकार किया. वहीं, पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सफर शुरू होने के साथ स्कूली बच्चों ने ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट’ का अनुभव किया. हाथों में तिरंगा लिए स्कूली छात्र हाइड्रोजन ट्रेन की यात्रा को लेकर उत्साहित दिखे.
बता दे कि यह ट्रेन हाइड्रोजन ईंधन की मदद से अपने भीतर ही बिजली का उत्पादन करती है और पर्यावरण के लिए सबसे स्वच्छ ईंधनों में से एक मानी जाने वाली हाइड्रोजन पर संचालित होती है.
10 कोच वाली यह ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच 90 किलोमीटर की दूरी महज दो घंटे में तय करेगी. इसे देश में हरित परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है.
यह ट्रेन 3,200 हॉर्सपावर (HP) के अत्याधुनिक प्रणोदन (प्रोपल्शन) सिस्टम से लैस है जो इसे दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन संचालित ट्रेनों में से एक बनाता है. इस ट्रेन से केवल जलवाष्प (वॉटर वेपर) का उत्सर्जन होता है जिससे यह पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल परिवहन का उदाहरण बन गई है.
LIVE: PM Shri @narendramodi flags off India’s first Hydrogen train between Jind & Sonipat at Jind railway station. https://t.co/ujaPrAmx5e
— BJP (@BJP4India) July 17, 2026
इस परियोजना की खास बात यह है कि ट्रेन की डिजाइन और इसकी असेंबली पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से भारत में ही की गई है. इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जहां हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें संचालित की जा रही हैं.
हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत भारतीय रेलवे की ऊर्जा यात्रा में एक नए अध्याय का प्रतीक है. यह सफर भाप और कोयले से चलने वाले इंजनों से शुरू होकर अब स्वच्छ, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा स्रोतों तक पहुंच चुका है.
पिछले 12 वर्षों में भारतीय रेलवे ने बड़े पैमाने पर रेल मार्गों का विद्युतीकरण किया है जिससे आयातित डीजल पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है. अब हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक के साथ भारतीय रेलवे स्वच्छ और सतत रेल परिवहन के क्षेत्र में एक नई छलांग लगाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
इसके बाद, पीएम मोदी ने जींद के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम से लगभग 14,700 करोड़ रुपए की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया. पीएम मोदी के मंच पर पहुंचने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत किया. उन्होंने पीएम मोदी को साफा पहनाया और उपहार भेंट किए.
पीएम मोदी ने लगभग 9,680 करोड़ रुपए की लागत से विकसित 157.92 किलोमीटर लंबे, चार लेन वाले दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे को राष्ट्र को समर्पित किया. इस एक्सप्रेसवे से दिल्ली और कटरा के बीच यात्रा का समय लगभग 14 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे हो जाएगा, जबकि दिल्ली-अमृतसर की यात्रा का समय लगभग 8 घंटे से घटकर 4 घंटे रह जाएगा. उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-7 और राष्ट्रीय राजमार्ग-344 पर बने 33.81 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले, आंशिक रूप से प्रवेश-नियंत्रित अंबाला-काला अंब राजमार्ग का भी उद्घाटन किया.
