E20 पेट्रोल विवाद: उपभोक्ता के पक्ष में देश का पहला फैसला, कोर्ट ने कंपनी को वाहन बदलने का दिया आदेश, लगाया इतना जुर्माना

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सांकेतिक तस्वीर (AI Photo - ChatGPT)

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E20 पेट्रोल विवाद से जुड़े केस पर आया देश का पहला फैसला, कोर्ट ने दिया यह आदेश…

 

रायपुर | E20 पेट्रोल से वाहन में खराबी को लेकर आए देश के पहले फैसले में अदालत ने उपभोक्ता को राहत पहुंचाई है. कार मालिक ने आरोप लगाया था कि E20 पेट्रोल ने उनकी गाड़ी को नुकसान पहुंचाया है. इसके बाद रायपुर जिला उपभोक्ता अदालत ने कार मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया है. साथ ही, अदालत ने कंपनी और संबंधित पक्षकारों को कार मालिक की शिकायत को देखते हुए वाहन बदलने या निर्धारित राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है.

रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में परिवाद की ऑनलाइन 12 मार्च 2025 को की गई थी, जबकि इसका पंजीयन 16 अप्रैल 2025 को हुआ. 14 जुलाई को आयोग ने अपना आदेश जारी किया.

उपभोक्ता प्रेमराज देवता ने आरोप लगाया था कि उनकी मारुति ग्रैंड विटारा कार में E20 पेट्रोल के उपयोग के बाद बार-बार समस्याएं आने लगीं. शिकायत में इंजन संबंधी परेशानी, परफॉर्मेंस के खराब होने, मिसफायरिंग और लगातार माइलेज घटने जैसी समस्याओं का जिक्र किया गया था. उपभोक्ता का कहना था कि E20 पेट्रोल के उपयोग के बाद वाहन की समस्या दूर नहीं हुई, जबकि कई बार सर्विस सेंटर में जांच और मरम्मत कराई गई थी.

आयोग ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 35 के तहत परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार किया. आयोग ने माना कि E20 पेट्रोल के संबंध में उपभोक्ता के पास व्यवहारिक रूप से अन्य ईंधन विकल्प उपलब्ध नहीं था क्योंकि अधिकांश पेट्रोल पंपों पर यही ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा था.

आयोग ने संबंधित पक्षकारों को निर्देश दिया कि वे उपभोक्ता की कार वापस लेकर उसी मॉडल की नई E20 ईंधन समर्थित कार आदेश की तारीख से 45 दिनों के भीतर उपलब्ध कराएं. अगर निर्धारित अवधि में वाहन नहीं बदला जाता है तो विपक्षी पक्षकारों को वाहन की कीमत और संबंधित खर्चों का भुगतान (कुल राशि 20,50,494) करना होगा.

आयोग ने यह भी आदेश दिया कि संबंधित पक्षकारों को मानसिक क्षति और वाद व्यय की राशि भी अदा करनी होगी. आयोग ने उपभोक्ता को हुई मानसिक परेशानी के लिए एक लाख रुपए और मुकदमे के खर्च के लिए 10 हजार रुपए का भुगतान करने को कहा है. आदेश में कहा गया कि राशि का भुगतान 45 दिनों के भीतर नहीं किया जाता है तो भुगतान की तारीख तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा.

IANS

E20 पेट्रोल विवाद: उपभोक्ता के पक्ष में देश का पहला फैसला, रायपुर कोर्ट ने कंपनी को वाहन बदलने का दिया आदेश

 


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