नितिन गडकरी को निशाना बनाने वाले वीडियो पर बड़ा एक्शन, 4 इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ एफआईआर
नितिन गडकरी को निशाना बनाने वाले वीडियो पर बड़ा एक्शन, 4 इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ एफआईआर
नागपुर साइबर पुलिस ने एथेनॉल-मिश्रित ईंधन (E20) विवाद के संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को निशाना बनाने वाले पोस्ट और वीडियो को लेकर चार सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है. यह मामला भाजपा नागपुर शहर सोशल मीडिया सेल के संयोजक शिशिर अरुण त्रिपाठी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन पोस्ट में गडकरी और सरकार की एथेनॉल नीति को लेकर झूठे, भ्रामक, मानहानिकारक और आपत्तिजनक दावे किए गए थे.
प्राथमिकी के अनुसार, नामजद किए गए चार कंटेंट क्रिएटर्स हैं – मनीष कश्यप, ‘देसी बॉयज़’ (Desi Boys), हर्षित राठी और अंकलेश इनवाती.
शिकायत के मुताबिक, मनीष कश्यप ने 3 जुलाई 2026 को अपने यूट्यूब (YouTube) चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें कथित तौर पर जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से नितिन गडकरी और E20 ईंधन को लेकर झूठे, मानहानिकारक और भ्रामक बयान दिए गए थे. इसके अलावा शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी तरह के वीडियो और पोस्ट ‘देसी बॉयज़’, हर्षित राठी और अंकलेश इनवाती के इंस्टाग्राम (Instagram) अकाउंट्स के जरिए भी प्रसारित किए गए थे. इनमें केंद्रीय मंत्री के खिलाफ पूरी तरह निराधार और आपत्तिजनक आरोप लगाए गए थे.
शिकायतकर्ता का कहना है कि इस कंटेंट में नागरिकों के बीच भ्रम पैदा करने और सार्वजनिक शांति को भंग करने की क्षमता है. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ इंस्टाग्राम पोस्ट में गडकरी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के इरादे से एडिटेड (छेड़छाड़ किए गए) वीडियो व तस्वीरों को शामिल किया गया था.
शिकायत और सौंपे गए डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर, नागपुर साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 356, 352 और 296 के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत एफआईआर संख्या 0092/2026 दर्ज की है. साइबर पुलिस निरीक्षक (इन्स्पेक्टर) सुधीर बोरकुटे ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है. गौरतलब है कि यह एफआईआर ऐसे समय में हुई है जब देश में E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बहस तेज है.
