दिमाग, दिल, दोनों फेफड़े, लीवर, किडनी, तिल्ली, पेट, आंतें, यहां तक कि…., वेनेजुएला से लौटे भारतीय नाविक के शव से गायब मिले सारे अंग, रूह कंपा देगी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट

Rakesh Chauhan No organs in Indian seafarer's body (1)

मृतक भारतीय नाविक राकेश चौहान की फाइल फोटो / क्रेटिड : आईएएनएस

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दिमाग, दिल, दोनों फेफड़े, लीवर, किडनी, तिल्ली, पेट, आंतें, यहां तक कि…., वेनेजुएला से लौटे भारतीय नाविक के शव से गायब मिले सारे अंग, रूह कंपा देगी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट

 

नई दिल्ली/देवरिया | वेनेजुएला (दक्षिण अमेरिकी देश) में संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाले एक भारतीय नाविक (सीफेयरर) के शव के साथ क्रूरता का मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले 33 वर्षीय नाविक राकेश चौहान का शव जब भारत लाया गया तो परिजनों की मांग पर दोबारा किए गए पोस्टमार्टम (Re-autopsy) में एक खौफनाक सच सामने आया.

डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक, राकेश के शरीर से दिल, दिमाग, फेफड़े और किडनी समेत लगभग सभी मुख्य अंदरूनी अंग गायब थे. इस खुलासे के बाद ‘फेडरेशन ऑफ सीफेयरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया’ (FSUI) और पीड़ित परिवार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और न्याय की मांग की है.

आखिर कहां गए शरीर के सभी अंदरूनी अंग?

राकेश चौहान नवंबर 2025 में एक (मर्चेंट नेवी) जहाज पर क्रू मेंबर के रूप में काम करने वेनेजुएला गए थे. मई 2026 में वहां उनकी मौत हो गई थी जिसके करीब एक महीने बाद 4 जून को उनका शव उनके गृहनगर देवरिया पहुंचा था. शव मिलने पर जब परिजनों ने भारत में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की तो देवरिया के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर डॉक्टरों की एक टीम ने जांच की.

भारतीय डॉक्टरों की आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो बातें सामने आईं वो हैरान कर देने वाली है.

• शव में एक भी अंग मौजूद नहीं था: सिर से लेकर पेट तक के सारे मुख्य अंग गायब थे. रिपोर्ट के मुताबिक, दिमाग, दिल, दोनों फेफड़े, लीवर, दोनों किडनी, तिल्ली (Spleen), अग्न्याशय (Pancreas), पेट, आंतें, थायराइड और श्वास नली (Trachea) जैसी कोई भी चीज शरीर के भीतर नहीं थी.

• पहले से सिले हुए थे घाव: शव पर गर्दन से लेकर पेट के निचले हिस्से तक 22 टांके और एक कान से दूसरे कान के पीछे तक 21 टांके लगे हुए थे. शरीर के अंदरूनी अंग न होने के कारण भारतीय डॉक्टर मौत की सही वजह (Cause of Death) का पता नहीं लगा सके.

शिपिंग कंपनी के बयानों ने गहराया शक

राकेश के परिवार का आरोप है कि वेनेजुएला की सरकार और संबंधित शिपिंग कंपनी ने उन्हें मौत से जुड़ा कोई आधिकारिक कागजात या पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं सौंपी है. परिवार का कहना है कि कंपनी के अधिकारियों ने फोन पर पहले बताया था कि राकेश जहाज पर गिरने से घायल हो गए हैं और उनका इलाज चल रहा है. इसके कुछ ही घंटों बाद उनके बचने की उम्मीद 5 प्रतिशत बताई गई और उसी शाम उनकी मौत की खबर दे दी गई.

परिवार के अनुसार, कंपनी ने शुरुआत में शव को एक हफ्ते के भीतर भारत पहुंचाने का भरोसा दिया था लेकिन शव को करीब एक महीने तक डीप फ्रीजर में रखा गया और जून (04) में परिजनों को सौंपा गया. हालांकि मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि फॉरेंसिक जांच के लिए पोस्टमार्टम के दौरान कुछ अंग निकाले जाते हैं लेकिन बिना किसी दस्तावेज या सूचना के पूरे शरीर को खाली कर देना बेहद संदिग्ध है.

न्याय और मुआवजे की मांग

इस पूरी घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए ‘फेडरेशन ऑफ सीफेयरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया’ (FSUI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, “विदेशी धरती पर भारतीय नाविकों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता. हम वेनेजुएला सरकार से पूरी पारदर्शिता, वेनेजुएला में भारतीय दूतावास से तुरंत हस्तक्षेप, विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पीड़ित परिवार के लिए न्याय व मुआवजे की मांग करते हैं.”

IANS

 


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