तीर्थयात्रा बनी ‘काल’ ! बंदरों की फौज ने नवविवाहिता को घेरा, घबराकर….., हुई मौत

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सांकेतिक तस्वीर (AI Photo - ChatGPT)

The Hindi Post

तीर्थयात्रा बनी ‘काल’ ! बंदरों की फौज ने नवविवाहिता को घेरा, घबराकर….., हुई मौत

 

थूथुकुडी | दक्षिणी तमिलनाडु के सबसे पवित्र पहाड़ी मंदिरों में से एक की तीर्थयात्रा शनिवार को एक दुखद घटना में बदल गई. पहाड़ी की चोटी पर स्थित मंदिर में 24 साल की एक नवविवाहित महिला बंदरों के झुंड से बचने की कोशिश कर रही थी, तभी उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई.

थूथुकुडी जिले के साउथ थिट्टनकुलम की रहने वाली अनीता ने सिर्फ एक महीने पहले ही सुरेश से शादी की थी. सुरेश विदेश में नौकरी करते थे और हाल ही में अपने घर लौटे थे. दोनों ने काजुगुमलाई के मशहूर कलुगासलामुर्थी मंदिर में पूजा करने का फैसला किया. मुख्य मंदिर में पूजा करने के बाद दोनों पहाड़ी की चोटी पर बने उचिप्पिल्लयार मंदिर पहुंचे.

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, जब यह पति-पत्नी बंदरों को फल खिला रहा था, तो अचानक बहुत सारे बंदर उनके आस-पास जमा हो गए. बंदरों की अचानक हरकत से अनीता घबरा गई और तेज़ी से वहां से हटने की कोशिश करने लगीं.

घबराहट में पहाड़ी के किनारे उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे पथरीली जमीन पर गिर गईं. उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. यह हादसा उनके पति के सामने हुआ, जिससे वे गहरे सदमे में आ गए. प्रत्यक्षदर्शी तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन वे उसे बचाने में असमर्थ रहे.

मृतका अनीता की फाइल फोटो / (क्रेडिट : आईएएनएस)

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में शोक संतप्त पति को पत्नी के शव के पास फूट-फूटकर रोते हुए दिखाया गया है, जबकि मंदिर में श्रद्धालु जमा हो गए थे.

पुलिस कर्मियों ने स्थानीय निवासियों और मंदिर अधिकारियों की सहायता से बचाव अभियान के बाद पहाड़ी से शव बरामद किया. बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया. मामला दर्ज कर लिया गया है और जांचकर्ता इस दुर्घटना के घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं.

पुलिस ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि महिला बंदरों से डरकर गलती से फिसल गई, हालांकि जांच के तहत घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि की जा रही है.

इस हादसे ने तमिलनाडु के पहाड़ी मंदिरों में बंदरों की बढ़ती उपस्थिति को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं. श्रद्धालुओं को जंगली जानवरों को भोजन न खिलाने की बार-बार सलाह देने के बावजूद वे अक्सर ऐसा करना जारी रखते हैं, जिसके परिणामस्वरूप बंदरों का व्यवहार आक्रामक हो जाता है और भीड़भाड़ वाले तीर्थ स्थलों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है.

IANS

तमिलनाडु पहाड़ी मंदिर में बंदरों के झुंड से बचने की कोशिश में नवविवाहिता की गिरकर मौत


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