बागी सांसदों पर बुरी तरह भड़के संजय राउत, दी गलियां, कहा- “ये भो@#$ …. लोग …”
प्रेस को संबोधित करते राज्य सभा सांसद (फोटो: आईएएनएस)
बागी सांसदों पर बुरी तरह भड़के संजय राउत, दी गलियां, कहा- “ये भो@#$ …. लोग …”
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में एक बार फिर बड़ी फूट पड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं. इस बीच, पार्टी के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बुधवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए. संजय राउत का दावा है कि शिवसेना (उबाठा) के कुछ सांसदों को पाला बदलने के लिए ’50-50 करोड़ रुपये’ की भारी-भरकम पेशकश की जा रही है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनका गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने बागी सांसदों के खिलाफ बेहद तल्ख और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया और मीडिया से उनके बयानों को बिना किसी काट-छांट के प्रसारित करने को कहा. प्रेस कॉन्फेंस के दौरान उन्होंने कहा कि ये भो**के लोग…
संजय राउत ने बागी सांसदों को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे पार्टी छोड़ने से पहले अपने सांसद पद से इस्तीफा दें. साल 2022 में शिवसेना में हुई ऐतिहासिक बगावत का जिक्र करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस बार फिर वैसी ही फूट डालने की कोशिश की गई तो महाराष्ट्र की जनता और शिवसेना (उबाठा) के निष्ठावान कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे. गौरतलब है कि दिल्ली में आयोजित इस महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन में शिवसेना (उबाठा) के 9 लोकसभा सदस्यों में से केवल तीन सांसद—अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे.
“रात में ही पहुंचाए गए 15-15 करोड़ रुपये”
संजय राउत ने खरीद-फरोख्त का बड़ा दावा करते हुए कहा कि मंगलवार देर रात एक ‘महत्वपूर्ण व्यक्ति’ ने उन्हें इस पूरी साजिश की जानकारी दी थी. उन्होंने आरोप लगाया, “मुझे पुख्ता जानकारी मिली है कि प्रत्येक सांसद की कीमत 50 करोड़ रुपये तय की गई है जिसमें से टोकन अमाउंट के तौर पर रात को ही 15-15 करोड़ रुपये पहुंचा दिए गए. ये बागी सांसद इतने लालची हैं कि एडवांस पैसे मिले बिना चार्टर्ड विमान में सवार होने तक को तैयार नहीं थे.” हालांकि, इन गंभीर दावों की स्वतंत्र रूप से अभी कोई पुष्टि नहीं हो सकी है.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से की मुलाकात
पार्टी में संभावित बगावत और तकनीकी दांव-पेंच को भांपते हुए शिवसेना (उबाठा) के प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और उन्हें एक पत्र सौंपकर पूरी स्थिति से अवगत कराया. स्पीकर से मुलाकात के बाद संजय राउत ने कहा, “लोकसभा अध्यक्ष के सामने हमने अपनी चिंताएं रखी हैं और उन्होंने हमें पूरा भरोसा दिलाया है कि इस पूरे मामले में नियम-कानून, स्थापित परंपराओं और देश के संविधान का पूरी तरह से पालन किया जाएगा.” इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है.
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