केंद्र सरकार ने देश के नए सेना प्रमुख के नाम का किया ऐलान, जनरल उपेंद्र द्विवेदी की लेंगे जगह
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ / (फोटो क्रेडिट : आईएएनएस)
केंद्र सरकार ने देश के नए सेना प्रमुख के नाम का किया ऐलान, जनरल उपेंद्र द्विवेदी की लेंगे जगह
नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने भारतीय सेना के उप-प्रमुख (Vice Chief) लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को देश का अगला थल सेना अध्यक्ष (COAS) नियुक्त किया है. वह जून के अंत में सेवानिवृत्त हो रहे जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे.
बख्तरबंद कोर (Armoured Corps) के अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल सेठ का यह चयन सैन्य इतिहास में बेहद खास है. साल 1997 में जनरल शंकर रायचौधरी के बाद, वह पिछले करीब तीन दशकों में इस लड़ाकू शाखा (Combat Branch) से भारतीय सेना का नेतृत्व करने वाले पहले अधिकारी होंगे. लगभग चार दशकों की विशिष्ट सैन्य सेवा के साथ वह व्यापक परिचालन (Operational), रणनीतिक और संगठनात्मक अनुभव अपने साथ ला रहे हैं.
अगस्त 2028 तक चलने वाले उनके इस कार्यकाल को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस दौरान सेना का मुख्य फोकस आधुनिकीकरण, थियेटर कमांड संरचनाओं के एकीकरण और चीन-पाकिस्तान सीमाओं पर सैन्य तैयारियों को मजबूत करने पर होगा.
करियर और प्रमुख कमान (Operational बैकग्राउंड)
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के स्नातक लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन हुए थे. अपने शानदार करियर में उन्होंने हर स्तर पर सेना की टुकड़ियों का नेतृत्व किया है.
• रेजिमेंट और ब्रिगेड कमान: उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में एक आर्मर्ड रेजिमेंट और पश्चिमी थिएटर में एक आर्मर्ड ब्रिगेड की कमान संभाली.
• काउंटर-इंसर्जेंसी: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के तहत उन्होंने काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स का नेतृत्व किया.
• सुदर्शन चक्र कोर: लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में उन्होंने भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन में से एक – सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली.
• दिल्ली एरिया कमांडर: उन्होंने दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के रूप में भी सेवाएं दी जहां उन्होंने राजधानी में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों के समन्वय और औपचारिक सैन्य कर्तव्यों की देखरेख की.
• दो कमांडर कमान: सेना कमांडर के रूप में पदोन्नत होने पर उन्होंने दक्षिण पश्चिमी कमान (South Western Command) और दक्षिणी कमान (Southern Command) दोनों का नेतृत्व किया. वह देश की दो बड़ी ऑपरेशनल सैन्य कमानों का नेतृत्व करने वाले चुनिंदा अधिकारियों में से एक हैं.
आधुनिकीकरण और रणनीतिक विजन के विशेषज्ञ
मैदानी कमान के अलावा लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने सेना मुख्यालय में ‘रणनीतिक योजना और क्षमता विकास’ (Strategic Planning and Capability Development) शाखाओं में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है. उन्हें भारतीय सेना के आधुनिकीकरण का रोडमैप तैयार करने, नई तकनीकों को शामिल करने और भविष्य के युद्धों की जरूरतों के हिसाब से सेना के दीर्घकालिक पुनर्गठन में अहम भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है.
उच्च शिक्षा और सैन्य सम्मान
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ सैन्य शिक्षा में भी हमेशा अव्वल रहे हैं. उन्होंने ‘हायर कमांड कोर्स’ और ‘नेशनल डिफेंस कॉलेज’ से स्नातक किया है. इसके अलावा, उन्होंने पेरिस (फ्रांस) में प्रतिष्ठित ‘कमांड एंड स्टाफ कोर्स’ में भी हिस्सा लिया है जो उनके वैश्विक रणनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है.
राष्ट्रीय सुरक्षा और अद्वितीय नेतृत्व के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) और अन्य विशिष्ट सेवा पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है. सैन्य आधुनिकीकरण की गहरी समझ और समृद्ध परिचालन अनुभव के अनूठे तालमेल के साथ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ एक ऐसे समय में भारतीय सेना की कमान संभालने जा रहे हैं जब देश कई नई सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है.
IANS
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे अगले सेना प्रमुख, ऑपरेशनल, स्ट्रैटेजिक और संस्थागत क्षेत्रों में है व्यापक अनुभव
