टीएमसी नेता जहांगीर खान को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार, पुलिस ने दी बड़ी जानकारी, कहा- “नेपाल …..”

JAHAGIR KHAN

टीएमसी नेता जहांगीर खान की फाइल फोटो / (क्रेडिट : आईएएनएस)

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टीएमसी नेता जहांगीर खान को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार, पुलिस ने दी बड़ी जानकारी, कहा- “नेपाल …..”

 

कोलकाता | पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगीर खान को नेपाल सीमा से गिरफ्तार कर लिया. दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर के तहत आने वाले फाल्टा इलाके के इस रसूखदार नेता को पुलिस हिरासत में लेकर कोलकाता आ रही है. पुलिस के मुताबिक, जहांगीर नेपाल के रास्ते देश से भागने की फिराक में थे. तभी गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ ने उन्हें धर दबोचा.

‘पुष्पा’ डायलॉग से बटोरी थीं सुर्खियां
अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान चुनाव के दौरान अपने एक विवादित बयान को लेकर राज्य की राजनीति के केंद्र में आ गए थे. चुनाव से पहले जब केंद्रीय बलों और पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा (प्रयागराज के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त) ने उनके घर पर छापेमारी की थी, तब जहांगीर ने फिल्म ‘पुष्पा’ का हवाला देते हुए कहा था, “अगर वह पुलिस अधिकारी शेर है, तो मैं भी ‘पुष्पा’ हूँ… झुकेगा नहीं.” उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप भी लगाया था.

ऐन वक्त पर चुनाव से पीछे हटे, भाजपा की हुई थी बड़ी जीत
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद 21 मई को दोबारा मतदान (Re-polling) कराया गया था. इससे ठीक 48 घंटे पहले जहांगीर खान ने यह कहते हुए चुनावी मुकाबले से खुद को अलग कर लिया था कि वह फाल्टा के विकास के लिए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के विशेष पैकेज का समर्थन करते हैं.

चूँकि उन्होंने नाम वापसी की समय-सीमा के बाद यह घोषणा की थी, इसलिए ईवीएम पर टीएमसी का चुनाव चिह्न और उनका नाम बरकरार रहा. 24 मई को आए नतीजों में भाजपा ने इस सीट पर 1.09 लाख से अधिक मतों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी, जबकि माकपा दूसरे स्थान पर रही और जहांगीर को महज 7,783 वोट मिले. इस करारी हार के बाद से ही वह भूमिगत हो गए थे.

हाई कोर्ट से सुरक्षा हटते ही हुई गिरफ्तारी
जहांगीर खान के खिलाफ 2019 से एक आपराधिक मामला लंबित था जिसमें उन्हें कलकत्ता हाई कोर्ट से गिरफ्तारी से संरक्षण (नो-कोर्सिव एक्शन) मिला हुआ था. दोबारा चुनाव से पहले भी कोर्ट ने उन्हें राहत दी थी. हालांकि, चुनाव नतीजों के बाद 26 मई को कलकत्ता हाई कोर्ट ने उनकी सभी कानूनी सुरक्षा हटा ली थी जिसके बाद एसटीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

ऐतिहासिक चुनाव के बाद बदली थी सत्ता
गौरतलब है कि 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण के दौरान फाल्टा के कई बूथों पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की शिकायतें आई थीं जिसके बाद सुवेंदु अधिकारी की मांग पर चुनाव आयोग ने यहाँ दोबारा मतदान का फैसला लिया था. 4 मई को राज्य की बाकी 293 सीटों के नतीजे घोषित हुए थे जिसमें भाजपा ने पहली बार भारी बहुमत के साथ पश्चिम बंगाल में सरकार बनाई और सुवेंदु अधिकारी राज्य के मुख्यमंत्री बने.

आईएएनएस

पश्चिम बंगाल : फरार टीएमसी नेता जहांगीर खान गिरफ्तार, पुलिस ने नेपाल बॉर्डर से पकड़ा

 


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