अखिलेश यादव ने राम मंदिर में ‘चढ़ावे की रकम गायब’ होने पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

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फोटो: आईएएनएस

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अखिलेश यादव ने राम मंदिर में ‘चढ़ावे की रकम गायब’ होने पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

 

लखनऊ | सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे से करोड़ों रुपये गायब होने के आरोपों को बेहद गंभीर बताया है. इसे लेकर उन्होंने सरकार और मंदिर ट्रस्ट पर निशाना साधा है.

उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा है और इसकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए. अखिलेश यादव ने कहा कि यदि चढ़ावे की रकम में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं तो संबंधित पक्षों को जनता के सामने जवाब देना चाहिए. उन्होंने न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है.

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पाई गई है. ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है. कोई भी सफ़ाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है. न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की मांग है क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है.सरकार की चुप्पी संदिग्ध है.

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है और जनता त्रस्त है. उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की वृद्धि कर इस सरकार ने लोगों पर महंगाई का एक और बोझ डाल दिया है. उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन महीनों में घरेलू गैस सिलेंडर 89 रुपये महंगा हो चुका है, जबकि व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमतों में एक हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई है.

अखिलेश यादव ने कहा कि डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का असर हर क्षेत्र पर पड़ रहा है. परिवहन से लेकर खाद्य वस्तुओं तक सब कुछ महंगा हो गया है, जिससे आम लोगों का घरेलू बजट बिगड़ गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को गरीबों, किसानों, व्यापारियों और मध्यम वर्ग की कोई चिंता नहीं है तथा वह केवल अपने पूंजीपति मित्रों के हितों की रक्षा में लगी हुई है.

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार जनता को दोनों हाथों से लूट रही है. एक ओर प्रदेश सरकार बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है, वहीं केंद्र सरकार पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस समेत आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ाकर लोगों की जेब पर डाका डाल रही है.

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी चरम पर है, व्यापार और कारोबार प्रभावित हैं तथा खेती की लागत लगातार बढ़ रही है. इसके बावजूद सरकार आम जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं दिख रही है. उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और घटती आय के बीच जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है.

 


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