मालवीय नगर आग त्रासदी: घायलों में 10 जवान भी शामिल, इमारत में सबसे पहले…..

DELHI FIRE 4

फोटो क्रेडिट : आईएएनएस

The Hindi Post

मालवीय नगर आग त्रासदी: घायलों में 10 जवान भी शामिल, इमारत में सबसे पहले…..

 

नई दिल्ली |  दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार को आग लगने की घटना के दौरान बचाव और राहत कार्यों में लगे दिल्ली पुलिस के दस जवान (पांच हेड कांस्टेबल और पांच कांस्टेबल) घायल हो गए. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.

अधिकारियों ने बताया कि अग्निकांड में घायल पुलिसकर्मी जलती हुई इमारत के परिसर में प्रवेश करने वाले पहले व्यक्ति थे. फिलहाल एम्स ट्रॉमा सेंटर में उनका इलाज चल रहा है.

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर अग्निकांड में गैर इरादतन हत्या की धारा और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें 21 लोगों की जान चली गई है.

सूत्रों के अनुसार, होटल मालिक की पहचान लोकेश बजाज के रूप में की गई है.

सूत्रों ने यह भी बताया कि होटल के संचालन में तीन साझेदार शामिल हैं, और उनके पास शहर भर में कई अन्य होटल और गेस्ट हाउस भी हैं. पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां ​​होटल के स्वामित्व, संचालन और सुरक्षा मानकों से संबंधित पहलुओं की जांच कर रही हैं.

सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) (दक्षिणी दिल्ली) जितेंद्र कुमार ने पुष्टि की कि बुधवार सुबह मालवीय नगर में बहुमंजिला लेमन ग्रीन रेस्तरां में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई है. उन्होंने कहा कि बचाए गए 47 लोगों में से 26 लोगों का अभी इलाज चल रहा है.

आईएएनएस से बात करते हुए एसडीएम कुमार ने कहा कि हमारा खोज और बचाव अभियान दोपहर 12:12 बजे पूरा हुआ. कुल 47 लोगों को बचाया गया, जिनमें से 21 की मौत हो गई है और 26 का इलाज चल रहा है.

दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा और बचाव सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं.

इसके अतिरिक्त, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने दुखद घटना के बाद घटनास्थल का दौरा किया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया.

मालवीय नगर अग्निकांड पर कांग्रेस नेता किरण वालिया ने कहा कि इस इलाके में बहुत सारे मरीज आते हैं और रहते हैं. मुख्य सवाल यह है कि ऐसा क्यों हुआ और भविष्य में इसे कैसे रोका जा सकता है. जो लोग जिम्मेदार हैं उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. अगर ऐसी चूक जारी रही, तो ऐसी घटनाएं होती रहेंगी.

यह कोई तमाशा नहीं है. यह उन परिवारों के लिए बहुत दर्दनाक है जो अपने प्रियजनों को खो देते हैं. हम खुद ऐसी स्थिति बर्दाश्त नहीं कर सकते.

आप नेता सोमनाथ भारती ने कहा कि मैं सुबह से यहीं था, किसी काम से थोड़ी देर के लिए बाहर गया था. मैं देख रहा हूं कि रेस्पॉन्स टाइम ठीक नहीं था. यहां एक बिल्डिंग में आग लग गई. भगवान न करे, अगर मैक्स जैसी जगह, जहां अंतरराष्ट्रीय मरीजों का इलाज होता है, यहां तक कि कभी-कभी मंत्री भी आते हैं, वहां आग लग जाए तो क्या होगा.

एक घंटे की देरी के कारण हताहतों की संख्या बढ़ गई. शुक्र है कि स्थानीय लोगों ने जोखिम उठाकर गद्दे बिछाए और अपनी जान जोखिम में डाल दी. बहुत से लोग सीपीआर जानते थे और उन्होंने पीड़ितों को सीपीआर दिया.

आईएएनएस

मालवीय नगर अग्निकांड: घायलों में दिल्ली पुलिस के 10 जवान भी शामिल, इमारत में सबसे पहले घुसे थे


The Hindi Post
error: Content is protected !!