किश्तवाड़ के बाद अब यहां फटा बादल, आस-पास के इलाकों को बहा ले गया पानी का सैलाब, 4 की मौत

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बादल फटने के बाद आए पानी के सैलाब ने आस-पास के इलाकों को भारी नुकसान पहुंचाया/ (फोटो क्रेडिट : आईएएनएस)

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किश्तवाड़ के बाद अब यहां फटा बादल, आस-पास के इलाकों को बहा ले गया पानी का सैलाब, 4 की मौत

 

 

नई दिल्ली | जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर कुदरत ने कहर बरपाया है. किश्तवाड़ में हाल ही में आई आपदा के बाद अब कठुआ जिले में रविवार तड़के बादल फट गया. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई जबकि कई जगहों पर भारी नुकसान की खबर है.

जानकारी के मुताबिक, कठुआ जिले में रविवार तड़के अचानक बादल फट गया. देखते ही देखते पानी का सैलाब आसपास के इलाकों को अपने साथ बहा ले गया. इस आपदा में चार लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा रेलवे ट्रैक, नेशनल हाईवे और कठुआ थाना परिसर को भी नुकसान पहुंचा है.

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घटना की जानकारी मिलते ही जिले के एसएसपी शोभित सक्सेना से बात की. इस बातचीत की जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी.

केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “जंगलोट इलाके में बादल फटने की सूचना मिलने के बाद एसएसपी कठुआ शोभित सक्सेना से बात की. 4 लोगों के हताहत होने की सूचना है. इसके अलावा, रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राजमार्ग को भी नुकसान पहुंचा है और कठुआ पुलिस स्टेशन भी प्रभावित हुआ है. नागरिक प्रशासन, सेना और अर्धसैनिक बल तुरंत हरकत में आ गए हैं. स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं.”

जम्मू-कश्मीर मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मुख्यमंत्री ने कठुआ जिले के जोध खड्ड और जुथाना सहित कई इलाकों में हुए भूस्खलन से हुई जनहानि और क्षति पर दुख व्यक्त किया है. इस भूस्खलन में चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और सभी आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया. मुख्यमंत्री ने प्रशासन को प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल राहत, बचाव और निकासी उपाय करने के निर्देश दिए हैं.”

गौरतलब है कि बीते दिनों किश्तवाड़ जिले में भी बादल फटने से भारी तबाही मची थी. किश्तवाड़ के चिशोती इलाके में गुरुवार को बादल फटने के बाद अचानक बाढ़ आ गई थी. यह घटना उस जगह पर हुई थी जहां श्री मचैल यात्रा के लिए चार पहिया वाहन खड़े होते थे और कई अस्थायी दुकानें लगती थी.

IANS


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