आईएमएफ ने पाकिस्तान को दिया लोन, इस फैसले से उमर अब्दुल्ला हैरान, पूछा- “कैसे होगा तनाव कम जब पाकिस्तान फंड का इस्तेमाल तबाही मचाने में कर रहा”
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ( फोटो क्रेडिट: IANS)
जम्मू | जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आईएमएफ के पाकिस्तान को फंड देने पर हैरानी जताई है. इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपना दुख और नाराजगी दोनों ही जाहिर की है.
हैरान अब्दुल्ला ने लिखा, “मुझे समझ नहीं आता कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय उपमहाद्वीप में बढ़ते तनाव को कैसे कम करेगा जब आईएमएफ पाकिस्तान को उन सभी हथियारों के लिए पैसे दे रहा है जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान पुंछ, राजौरी, उरी, तंगधार और कई अन्य स्थानों को तबाह करने के लिए कर रहा है.”
उमर अब्दुल्ला ने शनिवार सुबह X पर दो पोस्ट डाले. पहली पोस्ट में उन्होंने जम्मू कश्मीर के प्रशासनिक अधिकारी की पाक गोलाबारी में मौत पर दुख जताया और दूसरी में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के फैसले पर हैरानी जताई.
सीएम ने दुख जताते हुए लिखा- ”राजौरी से आई दिल दहला देने वाली खबर. हमने जम्मू-कश्मीर प्रशासन सेवा के अधिकारी को खो दिया है. अभी कल ही वे उपमुख्यमंत्री संग जिले का दौरा कर रहे थे और मेरी अध्यक्षता में हुई ऑनलाइन बैठक में भी शामिल हुए थे. आज उनके आवास पर पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी हुई. इसमें राजौरी के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिश्नर राज कुमार थापा शहीद हो गए.”
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सुबह पाकिस्तान की ओर से हुई भारी गोलाबारी और बमबारी में राज कुमार थापा शहीद हो गए है. थापा जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिश्नर के पद पर तैनात थे.
उमर अब्दुल्ला शुक्रवार को जम्मू भी पहुंचे थे. उन्होंने प्रभावित इलाकों का दौरा किया था और जमीनी हकीकत जानी थी. मुख्यमंत्री ने जम्मू और सांबा जिलों में स्थापित मिश्रीवाला, नागबनी, बिश्नाह और ठंडी खुई में शिविरों और आवास केंद्रों का भी दौरा किया था.
पिछले तीन दिनों से पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में ड्रोन हमले कर रहा है जिनमें से ज्यादातर ड्रोन भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने नष्ट कर दिए.
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह श्रीनगर में दो जोरदार धमाके हुए, वहीं जम्मू के अखनूर कस्बे में तीन बड़े धमाकों की आवाज सुनाई दी. पुंछ में भी इस तरह के धमाके सुने गए. पुंछ में बाजार बंद हैं और जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों के स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं. शुक्रवार शाम को जम्मू शहर में पूरी तरह ब्लैकआउट कर दिया गया था. जम्मू-कश्मीर में सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद कर दिए गए हैं. स्थिति की समीक्षा 12 मई को की जाएगी.
