झकझोर देने वाली घटना: मां की लाश के साथ एक साल से रह रही थी बेटियां, रिश्तेदारों-पड़ोसियों को भनक तक नहीं लगी

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सांकेतिक तस्वीर

The Hindi Post

यूपी के वाराणसी से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां पल्लवी नाम की 27 वर्षीय महिला और उनकी छोटी बहन 18 वर्षीय वैश्विक अपनी मां उषा तिवारी (52) के क्षत-विक्षत शव के साथ रहती मिली. शव कंकाल में तब्दील हो चुका था. उषा की लगभग एक साल पहले 8 दिसंबर, 2022 को मृत्यु हो गई थी.

यह घटना तब सामने आई जब बुधवार को घर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर स्थानीय पुलिस अंदर घुसी. दरअसल, पिछले कई दिनों से बेटियां घर से नहीं निकली थी. इसकी जानकारी पड़ोसियों ने मृतका के रिश्तेदारों को दी. जिसके बाद रिश्तेदार घर पहुंचे. वहां उन्होंने ऐसा मंजर देखा कि उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस घर में घुसी तो अंदर का नजारा रूह कंपा देने वाला था. एक कमरे में लड़कियां बैठी थी और दूसरे कमरे में पड़ा था महिला का कंकाल.

यह मामला है वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र के मदेरवा छित्तूपुर इलाके का. लंका थाने के इंस्पेक्टर शिवकांत मिश्रा ने बताया कि महिला के क्षत-विक्षत शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है. शुरुआती जांच में पुलिस को इस प्रकरण में कोई आपराधिक एंगल नहीं मिला है. पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में यह भी पता चला है कि बड़ी बेटी पल्लवी पोस्ट ग्रेजुएट है जबकि छोटी बेटी वैश्विक दसवीं पास है.

घर में रखे-रखे मृतका उषा तिवारी का शव लगभग कंकाल बन चुका था. शव को चादर और कंबल में लपेटकर एक कमरे में रखा गया था. उषा की बेटियों ने पुलिस को बताया कि 8 दिसंबर 2022 को बीमारी के कारण उनकी मां की मौत हो गई थी. पिता पिछले कई साल पहले घर छोड़कर जा चुके हैं.

हालांकि, जब उनसे यह पूछा गया कि उन्होंने मां की मृत्यु की सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी तो उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया. शव को घर में ही रखने के सवाल पर लड़कियों ने कहा कि उनके पास पैसे या अन्य संसाधन नहीं थे.

पुलिस ने यह भी कहा कि बेटियां मानसिक रूप से स्थिर नहीं है.

यह पूछे जाने पर कि दुर्गंध आने के बावजूद वह घर पर कैसे रही तो दोनों ने कहा कि वे शरीर को ढककर घर की छत पर चली जाती थी और वही खाना खाती थी. पुलिस को पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि लड़कियों ने इस घटना के बारे में अपने किसी रिश्तेदार को भी नहीं बताया था.

बुधवार दोपहर बाद जब एक रिश्तेदार ने पुलिस को सूचना दी कि कोई घर का दरवाजा नहीं खोल रहा है तो पुलिस हरकत में आई. पुलिस को घर में दाखिल होने के लिए दरवाजा तोड़ना पड़ा. इस दौरान वीडियोग्राफी कराई गई. फिलहाल, पुलिस को पूछताछ में यह पता चला है कि लड़कियों के पिता पिछले दो सालों से उनसे मिलने नहीं आए थे.

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)

 


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