2 दशकों में सबसे बड़ी ड्रग जब्ती में NCB ने बरामद किया हजारों करोड़ रुपये का LSD, 6 गिरफ्तार

NCB Official Gyaneshwar Singh (1)

NCB अधिकारी ज्ञानेश्वर सिंह

The Hindi Post

नई दिल्ली | नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने ड्रग तस्करी के मामले में नोएडा के एक निजी विश्वविद्यालय की छात्रा और जयपुर के एक शख्स सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है. जयपुर से पकड़ा गया शख्स मास्टरमाइंड है.

NCB ने गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से कई करोड़ रुपए मूल्य के एलएसडी (लीसर्जिक एसिड डैथ्यलामैड/LSD) के 15,000 ब्लॉटस जब्त किए है. LSD एक सिंथेटिक ड्रग है. LSD की 0.1 ग्राम मात्रा को व्यावसायिक मात्रा माना गया है और NCB ने 2500 गुना अधिक LSD की व्यावसायिक मात्रा जब्त की है.

अधिकारियों ने बताया कि यह आल इंडिया ड्रग ट्रैफिकिंग नेटवर्क है. पकड़े गए लोग मुख्य तौर पर डार्कनेट पर ऑपरेट करते थे.

NCB ने 2.232 किलोग्राम मारिजुआना और 4.50 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए है. इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों में जमा 20 लाख रुपये भी जब्त किए गए है.

NCB के उप महानिदेशक (डीडीजी) ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि सभी आरोपी डार्कनेट पर सक्रिय थे. डार्कनेट के माध्यम से यह सब ड्रग्स बेचते थे.

सिंह ने खुलासा किया कि LSD पोलैंड और नीदरलैंड से मंगवाई जा रही थी. इस सिंडिकेट में शामिल लोग पहले यूरोप में LSD खरीदते है और फिर इसे भारत भिजवाते है. इन लोगों के US में भी लिंक हैं. एक बार LSD की खेप भारत आने के बाद, यह लोग इसका वितरण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और देश के दूसरे हिस्सों में करते थे.

NCB की तीन महीने से इस गिरोह पर नजर थी. आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए NCB अधिकारी सोशल मीडिया पर नजर रखे हुए थे.

ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया, “खरीदार और विक्रेता दोनों डार्कनेट पर सक्रिय थे और कभी भी एक-दूसरे को अपनी पहचान का खुलासा नहीं करते थे. खरीदार क्रिप्टोकरंसी के माध्यम से भुगतान करते थे, और खेप (एलएसडी) कूरियर से वितरित कर दी जाती थी. क्योंकि सभी पहचान छुपा के काम करते थे इसलिए उन्हें पकड़े जाने का कोई डर नहीं था. खरीदार और विक्रेता दोनों डार्कनेट के माध्यम से चैट करके संपर्क में रहते थे.”

विक्रेता फर्जी पते पर LSD डिलीवरी करते थे और उन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते थे जिन्हें ट्रेस नहीं किया जा सकता था.

सिंह ने कहा कि बीते दो दशकों में हमने इतनी बड़ी जब्ती (LSD की) नहीं की है.

उन्होंने यह भी कहा कि LSD तेजी से युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहा है जो चिंता की बात है. यह सिंथेटिक ड्रग है. इसको एसिड ट्रिप या बैड ट्रिप के नाम से जाना जाता है.

हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
(इनपुट्स: आईएएनएस)


The Hindi Post

You may have missed

error: Content is protected !!