भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन के खिलाफ दर्ज होगी रेप की FIR
फाइल फोटो | आईएएनएस
नई दिल्ली | सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें महिला शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए बलात्कार के आरोप में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी.
हुसैन का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और सिद्धार्थ लूथरा ने न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया कि शिकायतकर्ता ने उनके मुवक्किल (शाहनवाज हुसैन) के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई और पुलिस ने जांच भी की, लेकिन कुछ भी नहीं निकला.
पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता भी शामिल हैं, ने कहा: “निष्पक्ष जांच होने दीजिए, अगर कुछ नहीं निकलता है तो आपको बरी कर देंगे.
दलीलें सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने कहा कि उसे मामले में दखल देने का कोई कारण नजर नहीं आता. पिछले साल अगस्त में, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में शहनवाज के खिलाफ सुनवाई पूरी होने तक केस दर्ज करने पर रोक लगा दी थी. अब 16 जनवरी 2023 को सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केस दर्ज करने की इजाजत दे दी है.
शीर्ष अदालत में अपनी याचिका में, हुसैन ने तर्क दिया कि उच्च न्यायालय इस बात की सराहना करने में विफल रहा कि उन्हें (शाहनवाज हुसैन) मामले में गलत और अवैध तरह से फंसाया गया है, क्योंकि महिला, जिसका उनके भाई के साथ वैवाहिक विवाद चल रहा है, का कोई छुपा हुआ मकसद है.
याचिका में कहा गया – “याचिकाकर्ता (शाहनवाज हुसैन) को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है और शिकायतकर्ता (महिला) द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार और असत्य पाए गए क्योंकि वह अपने बयान को बदलती रही है. साथ ही सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, याचिकाकर्ता और महिला की लोकेशन कभी मैच नहीं हुई.”
जून 2018 में, दिल्ली की एक महिला ने हुसैन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (बलात्कार), 120-बी (आपराधिक साजिश) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत अपराध करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई.
महिला का आरोप है कि बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने उसके साथ रेप किया और जान से मारने की धमकी भी दी. महिला ने FIR दर्ज करने के लिए दिल्ली पुलिस को निर्देश देने के लिए एक आवेदन दायर किया था.
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